राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा की तीन दिवसीय बैठक 13–15 मार्च को हरियाणा के समालखा में होगी। शताब्दी वर्ष कार्यक्रम, संगठनात्मक समीक्षा और भविष्य की रणनीति पर चर्चा होगी।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा की तीन दिवसीय बैठक 13 से 15 मार्च तक हरियाणा के पानीपत जिले के समालखा में आयोजित होगी। बैठक में पिछले एक वर्ष के संगठनात्मक कार्यों की समीक्षा, शताब्दी वर्ष के कार्यक्रमों का मूल्यांकन तथा आगामी वर्ष की रणनीति पर विस्तार से विचार किया जाएगा।
संघ के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख सुनील आम्बेकर ने बताया कि बैठक शुक्रवार सुबह 9 बजे प्रारंभ होकर रविवार तक विभिन्न सत्रों में चलेगी। बैठक में संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत, सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले सहित संघ के शीर्ष पदाधिकारी तथा संघ विचार से प्रेरित 32 सहयोगी संगठनों के अध्यक्ष और प्रतिनिधि भाग लेंगे।
श्री आम्बेकर ने बताया कि संघ इस वर्ष अपना शताब्दी वर्ष मना रहा है। इसके अंतर्गत देशभर में आयोजित विभिन्न सामाजिक और संगठनात्मक कार्यक्रमों की समीक्षा भी बैठक में की जाएगी।
आगामी कार्यक्रमों और भविष्य की रणनीति पर मंथन
बैठक में शताब्दी वर्ष के दौरान हुए कार्यक्रमों का आकलन किया जाएगा और आगामी कार्यक्रमों की रूपरेखा तय की जाएगी। इसके साथ ही संगठन के विस्तार और सामाजिक गतिविधियों को लेकर भी चर्चा होगी।
प्रशिक्षण कार्यक्रमों पर जोर
बैठक में स्वयंसेवकों के प्रशिक्षण कार्यक्रमों की आगामी योजना पर भी चर्चा होगी। इस वर्ष कुल 97 शिक्षण वर्ग आयोजित किए जाएंगे, जिनमें 73 वर्ग 40 वर्ष से कम आयु के स्वयंसेवकों के लिए और 25 वर्ग 40 से 65 वर्ष आयु वर्ग के कार्यकर्ताओं के लिए निर्धारित किए गए हैं।
10 करोड़ घरों तक पहुंचा ‘गृह संपर्क’ अभियान
सुनील आम्बेकर के अनुसार ‘गृह संपर्क’ अभियान के तहत स्वयंसेवकों ने देश में 10 करोड़ से अधिक घरों तक पहुंचकर संघ के कार्यों और विचारों से समाज को परिचित कराने का प्रयास किया है। उन्होंने बताया कि पिछले एक वर्ष में देशभर में 6 हजार नई शाखाएं भी शुरू की गई हैं।