हरियाणा, बिहार, और ओडिशा में 11 राज्यसभा सीटों के लिए मतदान जारी। बिहार में कांग्रेस के दो विधायकों के लापता होने से राजनीतिक हलचल तेज।
हरियाणा, बिहार और ओडिशा की कुल 11 राज्यसभा सीटों के लिए सोमवार सुबह 9 बजे से मतदान जारी है। तीनों राज्यों में क्रॉस वोटिंग की आशंका के चलते राजनीतिक हलचल तेज हो गई है और सभी दल अपने-अपने विधायकों पर नजर बनाए हुए हैं।
विधायक नहीं पहुंचे मतदान के लिए
बिहार में कांग्रेस के दो विधायक सुरेंद्र कुशवाहा और मनोज विश्वास अब तक मतदान के लिए नहीं पहुंचे हैं। सूत्रों के मुताबिक दोनों विधायकों के मोबाइल फोन भी बंद बताए जा रहे हैं, जिससे सियासी हलकों में चर्चा तेज हो गई है। वहीं राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) भी अपने एक विधायक का इंतजार कर रही है, जो अभी तक वोट डालने नहीं पहुंचे हैं।
साथ ही आपको बता दें, अब तक बिहार में एनडीए के 176 विधायकों ने मतदान कर लिया है, जबकि महागठबंधन के 37 विधायकों ने वोट डाला है।
हरियाणा में मुख्यमंत्री ने डाला पहला वोट
हरियाणा में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने राज्यसभा चुनाव के लिए पहला वोट डाला। सुबह करीब 11 बजकर 20 मिनट तक कुल 25 विधायकों ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया। कांग्रेस के विधायक हिमाचल प्रदेश के कसौली से रवाना होकर चंडीगढ़ पहुंचे और भूपेंद्र सिंह हुड्डा के आवास पर एकत्रित हुए। इसके बाद सभी विधायक एक साथ बस से विधानसभा पहुंचे और मतदान किया।
नीतीश कुमार ने भी डाला वोट
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भी राज्यसभा चुनाव में अपना वोट डाला। जानकारी के लिए आपको बता दें, इस चुनाव में वे खुद भी राज्यसभा के उम्मीदवार हैं।
10 राज्यों की 37 सीटों में से 11 पर मतदान
देश के 10 राज्यों की 37 राज्यसभा सीटों में से 26 सीटों पर उम्मीदवार पहले ही निर्विरोध चुने जा चुके हैं। इन सीटों में से 13 एनडीए और 13 विपक्ष के खाते में गई हैं। फिलहाल इन 37 सीटों में से 25 सीटें इंडिया गठबंधन के पास हैं, जबकि 12 सीटें एनडीए के पास हैं। चुनाव परिणाम के बाद यह समीकरण बदल सकता है।
एनडीए को बढ़त मिलने की संभावना
विश्लेषकों के मुताबिक चुनाव के बाद एनडीए को कुल 8 सीटों का फायदा हो सकता है। जिन 26 सीटों पर उम्मीदवार निर्विरोध चुने गए हैं, उनमें पहले एनडीए के पास 8 सीटें थीं, जो बढ़कर 13 हो सकती हैं। यानी यहां उसे 5 सीटों का लाभ मिला है।
वहीं हरियाणा, बिहार और ओडिशा की 11 सीटों में पहले एनडीए के पास 4 सीटें थीं, जो चुनाव के बाद बढ़कर 7 होने की संभावना है। इस तरह इन राज्यों में उसे 3 सीटों का अतिरिक्त फायदा मिल सकता है। अगर यह अनुमान सही साबित होता है तो कुल मिलाकर एनडीए को राज्यसभा में 8 सीटों की बढ़त मिल सकती है।