राजस्थान के नागौर में 9 साल की छात्रा की स्कूल में खेलते समय हार्ट अटैक से मौत। चार महीने पहले बड़े भाई की भी इसी तरह जान गई थी।
नागौर। राजस्थान के नागौर में एक प्राइवेट स्कूल का मैदान अचानक सन्नाटे में बदल गया, जब खेलते-खेलते 9 साल की छात्रा अचानक जमीन पर गिर पड़ी। कुछ ही मिनटों में सब कुछ बदल गया। कक्षा 5 में पढ़ने वाली बच्ची को हार्ट अटैक आया और अस्पताल पहुंचने से पहले ही उसकी सांसें थम गईं। इस घटना ने परिवार ही नहीं, पूरे इलाके को झकझोर दिया है।
खेलते समय अचानक बिगड़ी तबीयत
बताया जा रहा है कि छात्रा स्कूल ग्राउंड में अन्य बच्चों के साथ खेल रही थी। अचानक वह लड़खड़ाई और गिर गई। शुरुआत में साथियों को लगा कि शायद चक्कर आया होगा, लेकिन जब वह उठ नहीं पाई तो शिक्षक और स्कूल स्टाफ दौड़कर पहुंचे। बच्ची को तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। प्राथमिक जानकारी में मौत की वजह हार्ट अटैक बताई गई है।
परिवार पर दूसरा बड़ा सदमा
इस दर्दनाक घटना ने इसलिए भी सभी को स्तब्ध कर दिया, क्योंकि करीब चार महीने पहले इसी परिवार के बड़े बेटे की भी अचानक हार्ट अटैक से मौत हो गई थी। परिजनों का कहना है कि उस समय भी बेटा सामान्य दिनचर्या में था और अचानक तबीयत बिगड़ गई थी। अब छोटी बेटी की असमय मौत ने परिवार को पूरी तरह तोड़ दिया है।

बच्चों में हार्ट अटैक के मामले बढ़ रहे?
हाल के वर्षों में कम उम्र के बच्चों और युवाओं में अचानक कार्डियक अरेस्ट या हार्ट अटैक की घटनाएं सामने आ रही हैं। डॉक्टरों का कहना है कि इसके पीछे कई कारण हो सकते हैं
- जन्मजात हृदय संबंधी समस्या
- अनडायग्नोज्ड कार्डियक कंडीशन
- लाइफस्टाइल और खानपान में बदलाव
हालांकि, इस मामले में स्पष्ट कारण पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के बाद ही सामने आएगा। स्कूल प्रबंधन ने घटना पर गहरा दुख जताया है। प्रशासनिक स्तर पर भी मामले की जानकारी ली जा रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इतनी कम उम्र में दो बच्चों की एक जैसे हालात में मौत ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं।