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Rahul Gandhi On UPI Charges

UPI चार्ज को लेकर राहुल गांधी का सरकार पर हमला, बोले आम आदमी पर पड़ेगा बोझ

राहुल गांधी ने 2000 रुपये से अधिक के UPI मर्चेंट पेमेंट पर MDR को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा। कांग्रेस का दावा है कि इसका बोझ आगे चलकर ग्राहकों पर पड़ सकता है।


upi चार्ज को लेकर राहुल गांधी का सरकार पर हमला बोले आम आदमी पर पड़ेगा बोझ

Rahul gandhi target pm modi on UPI MDR |

नई दिल्ली। 2000 रुपये से अधिक के UPI मर्चेंट पेमेंट पर प्रस्तावित 0.4 प्रतिशत MDR को लेकर कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर हमला बोला है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि सरकार UPI पर शुल्क लगाने का रास्ता खोल रही है। हालांकि सरकार की ओर से कहा गया है कि यह शुल्क ग्राहक को नहीं, बल्कि मर्चेंट यानी दुकान या कंपनी को देना होगा।

राहुल गांधी ने सरकार से फैसला वापस लेने को कहा

राहुल गांधी ने UPI शुल्क के मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को निशाने पर लिया। उन्होंने कहा कि सरकार भले ही ग्राहक से सीधे शुल्क नहीं लेने की बात कह रही है, लेकिन दुकानदार पर पड़ने वाला खर्च किसी न किसी तरीके से ग्राहकों तक पहुंच सकता है। राहुल गांधी ने सरकार से UPI पर प्रस्तावित शुल्क को वापस लेने की मांग की। उन्होंने इसे अमेरिकी पेमेंट कंपनियों के दबाव से जोड़ते हुए सरकार पर अमेरिका के सामने झुकने का आरोप भी लगाया। राहुल गांधी के बयान को कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने भी शेयर किया है।

कांग्रेस ने UPI के खर्च को लेकर उठाए सवाल

कांग्रेस का कहना है कि UPI सिस्टम को चलाने के लिए हर साल करीब 20,700 करोड़ रुपये की जरूरत बताई जा रही है। पार्टी ने इसके लिए सरकार के पास उपलब्ध वित्तीय संसाधनों का भी हवाला दिया। कांग्रेस के मुताबिक वित्त वर्ष 2025-26 में RBI ने केंद्र सरकार को करीब 3 लाख करोड़ रुपये का सरप्लस ट्रांसफर किया। पार्टी ने यह भी कहा कि देश के लिस्टेड बैंकों का मुनाफा 4.11 लाख करोड़ रुपये से अधिक रहा, जबकि UPI का संचालन करने वाली NPCI का प्री टैक्स मुनाफा 1,888 करोड़ रुपये रहा। कांग्रेस ने इन आंकड़ों के आधार पर सरकार के फैसले पर सवाल उठाते हुए कहा कि UPI के खर्च का बोझ दूसरे तरीके से उठाया जा सकता है।

2000 रुपये से ऊपर के पेमेंट पर प्रस्तावित है MDR

प्रस्तावित व्यवस्था के तहत 15 अक्टूबर से 2000 रुपये से अधिक के कुछ मर्चेंट UPI ट्रांजैक्शन पर 0.4 प्रतिशत MDR लागू किया जाना है। यह शुल्क ग्राहक के UPI पेमेंट करते समय सीधे नहीं लिया जाएगा। इसका भुगतान मर्चेंट यानी संबंधित दुकान या कंपनी की ओर से किया जाएगा। राहुल गांधी ने अपने बयान में यह भी दावा किया कि 2000 रुपये से अधिक के मर्चेंट UPI ट्रांजैक्शन संख्या के हिसाब से करीब 5 प्रतिशत हैं, लेकिन इनकी हिस्सेदारी कुल UPI ट्रांजैक्शन वैल्यू में लगभग 65 प्रतिशत है।

कांग्रेस का तर्क है कि मर्चेंट पर आने वाला अतिरिक्त खर्च भविष्य में वस्तुओं या सेवाओं की कीमतों में शामिल होकर अप्रत्यक्ष रूप से ग्राहकों तक पहुंच सकता है। दूसरी तरफ सरकार की स्थिति है कि प्रस्तावित MDR ग्राहक से लिया जाने वाला प्रत्यक्ष शुल्क नहीं है।

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