लोकसभा में राहुल गांधी ने कहा हम युद्ध के दौर में हैं, लेकिन बजट में वैश्विक संघर्षों के असर से निपटने की कोई ठोस रणनीति नहीं दिखती।
नई दिल्ली: लोकसभा में बजट सत्र के दौरान नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने सरकार को घेरते हुए कहा कि देश और दुनिया एक नए तरह के युद्ध के दौर में प्रवेश कर चुके हैं, लेकिन बजट में इस बदलती वैश्विक परिस्थिति से निपटने की कोई स्पष्ट रणनीति नहीं दिखती। राहुल का भाषण जारी है और सदन का माहौल पहले से ही गरमाया हुआ है।
एनर्जी और फाइनेंस को हथियार बना दिया
राहुल गांधी ने कहा, “हम जियोपॉलिटिकल कॉन्फ्लिक्ट के दौर में जी रहे हैं। गाजा में युद्ध चल रहा है, रूस-यूक्रेन का संघर्ष जारी है। चीन अमेरिका को चैलेंज कर रहा है। अब एनर्जी और फाइनेंस को वेपनाइज कर दिया गया है। उन्होंने आगे कहा कि प्रधानमंत्री और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार ने भले कहा हो कि युद्ध का युग खत्म हो गया, लेकिन हकीकत इसके उलट है। हम युद्ध के युग में प्रवेश कर रहे हैं। राहुल ने यह भी कहा कि भारत और पाकिस्तान के बीच “ऑपरेशन सिंदूर” चल रहा है और देश की IT कंपनियां भी वैश्विक तनाव के असर से जूझ रही हैं।

बजट में क्या कमी है?
राहुल गांधी का मुख्य सवाल यही रहा कि इतने बड़े बजट में दुनिया भर के संघर्षों के आर्थिक असर से निपटने की कोई स्पष्ट नीति क्यों नहीं दिखाई गई। उन्होंने कहा जब ऊर्जा और फाइनेंस हथियार बन चुके हैं, तब हमें अपनी आर्थिक और सामरिक रणनीति मजबूत करनी चाहिए। लेकिन बजट में इस पर कोई गंभीर चर्चा नहीं है।
मार्शल आर्ट का उदाहरण
अपने भाषण में राहुल ने मार्शल आर्ट का उदाहरण देते हुए कहा जूडो या कराटे में आपको पता होता है किसने किस पर ग्रिप ली है। दुनिया भी उसी तरह काम कर रही है, कौन किसे दबा रहा है, ये साफ दिखता है। उनका इशारा वैश्विक शक्ति संतुलन की ओर था, जहां अमेरिका और चीन के बीच बढ़ती प्रतिस्पर्धा को उन्होंने प्रमुख मुद्दा बताया।
सदन में हंगामे का माहौल
राहुल के भाषण से पहले केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कांग्रेस पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि 20-25 कांग्रेस सांसद लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के चैंबर में घुस गए और उनके साथ बदसलूकी की। रिजिजू के मुताबिक, “गालियां दी गईं, हंगामा किया गया।” उन्होंने यह भी कहा कि वहां मौजूद वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं ने किसी को रोकने की कोशिश नहीं की। कांग्रेस की ओर से इन आरोपों पर अब तक आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव
इस बीच, विपक्ष ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस दिया है। इसमें 120 सांसदों के हस्ताक्षर बताए जा रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक नोटिस में कुछ तकनीकी खामियां पाई गई हैं, लेकिन स्पीकर ने सचिवालय को उन्हें दुरुस्त कर आगे की प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए हैं। जब तक प्रस्ताव पर फैसला नहीं हो जाता, तब तक ओम बिरला लोकसभा की कार्यवाही की अध्यक्षता नहीं करेंगे। चर्चा 9 मार्च को हो सकती है।
8 विपक्षी सांसद पूरे सत्र के लिए निलंबित
लोकसभा से निलंबित 8 विपक्षी सांसदों का निलंबन पूरे बजट सत्र तक जारी रहेगा। इस फैसले से विपक्ष और आक्रामक हो गया है। इन पर आरोप है कि इन्होंने राहुल गांधी को बोलने देने की मांग को लेकर हंगामा किया और चेयर की ओर कागज फेंके।