बिहार। चुनाव से पहले तेज प्रताप यादव की वायरल तस्वीर, वीडियो और पोस्ट ने राजनीति में हलचल मचा दी है। यह मुद्दा हॉट टॉपिक तब बना जब लालू यादव ने तेज प्रताप यादव को पार्टी से ही निकाल दिया। इस मामले में पूर्णिया सांसद पप्पू यादव ने कहा है कि, "लालू यादव को समझना चाहिए।"
आरजेडी प्रमुख लालू यादव द्वारा अपने बेटे तेज प्रताप यादव को सोशल मीडिया पोस्ट के कारण पार्टी से निष्कासित किए जाने पर पूर्णिया सांसद पप्पू यादव ने कहा, "यह निजी मामला है लेकिन मैं एक बात कहना चाहता हूं, लालू यादव को समझना चाहिए कि उनके बेटे ने ईमानदारी से अपने रिश्ते का एलान किया है। हमें याद है कि बिल गेट्स ने अपनी गलती स्वीकार की थी, पूरे अमेरिका ने सराहना की थी। तेज प्रताप यादव ने रिश्ते को नहीं छिपाया... जब उन्होंने बताया तो माता-पिता को इसे स्वीकार करना चाहिए।"
दरअसल, तेजप्रताप ने हाल ही में अनुष्का यादव नाम की महिला के साथ तस्वीरें शेयर कर अपने रिलेशनशिप की घोषणा की थी। हालांकि, इसके बाद उन्होंने अपने सोशल मीडिया पोस्ट को कई बार एडिट किया। उन्होंने दावा किया कि उनका अकाउंट हैक हो गया था। इस घटना ने RJD के भीतर और बाहर हलचल मचा दी। लालू यादव ने इसे पार्टी के नैतिक मूल्यों और सामाजिक न्याय के लिए उनके संघर्ष के खिलाफ माना।
राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के प्रमुख लालू प्रसाद यादव ने अपने बड़े बेटे तेजप्रताप यादव को पार्टी से 6 साल के लिए निष्कासित कर दिया। लालू यादव ने अपने बयान में कहा, "निजी जीवन में नैतिक मूल्यों की अवहेलना करना हमारे सामाजिक न्याय के संघर्ष को कमजोर करता है। तेजप्रताप की गतिविधियां, लोक आचरण, और गैर-जिम्मेदाराना व्यवहार हमारे पारिवारिक मूल्यों और संस्कारों के अनुरूप नहीं हैं।"
उन्होंने स्पष्ट किया कि तेजप्रताप को पार्टी और परिवार से पूरी तरह अलग किया जा रहा है, और अब उनकी RJD में कोई भूमिका नहीं होगी। लालू ने यह भी चेतावनी दी कि तेजप्रताप से संबंध रखने वाले लोग अपने विवेक से निर्णय लें, क्योंकि वह अपने निजी जीवन के फैसले खुद लेने में सक्षम हैं।