राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने जैसलमेर से LCH प्रचंड में उड़ान भर इतिहास रचा। कॉकपिट से सैनिकों को सलाम, कहा- जय हिंद, जय भारत।
जैसलमेर एयरफोर्स स्टेशन पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने स्वदेशी लाइट कॉम्बैट हेलिकॉप्टर ‘प्रचंड’ में उड़ान भरकर इतिहास रच दिया। वे इस हेलिकॉप्टर में बतौर को-पायलट उड़ान भरने वाली देश की पहली राष्ट्रपति बन गई हैं। उड़ान के बाद कॉकपिट से उनका सैल्यूट और संदेश “वीर सैनिकों को गर्व के साथ धन्यवाद। जय हिंद, जय भारत”सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया।
जैसलमेर से आसमान तक: एक ऐतिहासिक पल
राजस्थान के जैसलमेर में स्थित एयरफोर्स स्टेशन से राष्ट्रपति की यह उड़ान सिर्फ एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं थी, बल्कि आत्मनिर्भर भारत की ताकत का प्रतीक भी थी। रेतीले इलाके के ऊपर जब ‘प्रचंड’ ने उड़ान भरी, तो वहां मौजूद वायुसेना के अधिकारियों और जवानों के चेहरों पर साफ उत्साह दिख रहा था। राष्ट्रपति ने उड़ान से पहले तकनीकी जानकारी ली और पायलटों से बातचीत भी की। हेलिकॉप्टर के कॉकपिट में बैठी उनकी तस्वीरें देशभर में चर्चा का विषय बन गईं।
क्या है ‘प्रचंड’ हेलिकॉप्टर?
‘प्रचंड’ दरअसल स्वदेशी लाइट कॉम्बैट हेलिकॉप्टर (LCH) है, जिसे भारत में ही विकसित किया गया है। इसे दुर्गम पहाड़ी इलाकों और रेगिस्तानी क्षेत्रों में ऑपरेशन के लिए खास तौर पर तैयार किया गया है। यह हेलिकॉप्टर ऊंचे इलाकों में भी आसानी से उड़ान भर सकता है। इसमें आधुनिक हथियार प्रणाली और एडवांस एवियोनिक्स लगे हैं, जो इसे दुश्मन के ठिकानों पर सटीक वार करने में सक्षम बनाते हैं। भारतीय वायुसेना और थलसेना दोनों में इसकी तैनाती हो चुकी है। राष्ट्रपति की इस उड़ान को स्वदेशी रक्षा निर्माण के लिए बड़ा संदेश माना जा रहा है।

सैनिकों के नाम राष्ट्रपति का संदेश
उड़ान के बाद राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि देश के वीर सैनिकों की बहादुरी और समर्पण पर हर भारतीय को गर्व है। उन्होंने वायुसेना के जांबाजों को धन्यवाद देते हुए कहा कि देश सुरक्षित हाथों में है। कॉकपिट से सैल्यूट करती उनकी तस्वीरें इस बात का प्रतीक बन गईं कि देश का सर्वोच्च पद भी सैनिकों के साहस को सलाम करता है।
महिला नेतृत्व और नई मिसाल
राष्ट्रपति का यह कदम महिला सशक्तिकरण की दिशा में भी एक मजबूत संदेश है। सशस्त्र बलों में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी के बीच यह उड़ान प्रतीकात्मक और प्रेरक दोनों मानी जा रही है।