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Modi Netherlands 17 Key Agreements

PM मोदी और डच PM की अहम बैठक, होर्मुज स्ट्रेट पर खुली आवाजाही की वकालत, 17 समझौतों पर मुहर

प्रधानमंत्री मोदी और नीदरलैंड्स के PM ने होर्मुज स्ट्रेट में सुरक्षित समुद्री मार्गों की जरूरत बताई। पीएम दौरे के दौरान दोनों देशों के बीच 17 बड़े समझौते हुए।


pm मोदी और डच pm की अहम बैठक होर्मुज स्ट्रेट पर खुली आवाजाही की वकालत 17 समझौतों पर मुहर

PM Modi Neitherland |

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के यूरोप दौरे के दौरान भारत और नीदरलैंड्स के रिश्तों को नई मजबूती मिली है। द हेग में शनिवार को हुई अहम बैठक में पीएम मोदी और नीदरलैंड्स के प्रधानमंत्री रॉब जेटन ने दोनों देशों के संबंधों को 'स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप' स्तर तक ले जाने का ऐलान किया। इस दौरान रक्षा, ग्रीन हाइड्रोजन, सेमीकंडक्टर, कृषि, ऊर्जा और तकनीक समेत कई क्षेत्रों में 17 बड़े समझौतों पर हस्ताक्षर हुए।

होर्मुज स्ट्रेट पर दोनों देशों की चिंता

बैठक के बाद जारी संयुक्त बयान में पश्चिम एशिया की मौजूदा स्थिति पर गहरी चिंता जताई गई। खासतौर पर होर्मुज स्ट्रेट में बढ़ते तनाव और उसके वैश्विक ऊर्जा सप्लाई पर पड़ने वाले असर को लेकर दोनों नेताओं ने गंभीर चिंता व्यक्त की। पीएम मोदी और रॉब जेटन ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों पर निर्बाध आवाजाही वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए बेहद जरूरी है। दोनों देशों ने “फ्रीडम ऑफ नेविगेशन” यानी समुद्री रास्तों को सुरक्षित और खुला बनाए रखने के समर्थन में जोरदार बयान दिया।

वैश्विक तेल सप्लाई पर मंडरा रहा खतरा

यह बयान ऐसे समय आया है जब ईरान, अमेरिका और इजरायल के बीच तनाव लगातार बढ़ रहा है। होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के सबसे अहम समुद्री व्यापार मार्गों में गिना जाता है और वैश्विक तेल सप्लाई का बड़ा हिस्सा इसी रास्ते से गुजरता है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इस क्षेत्र में हालात और बिगड़ते हैं तो इसका असर दुनियाभर में ईंधन की कीमतों और सप्लाई चेन पर पड़ सकता है।

यूक्रेन युद्ध पर भी हुई चर्चा

भारत और नीदरलैंड्स के नेताओं ने रूस-यूक्रेन युद्ध पर भी बातचीत की। दोनों पक्षों ने कहा कि इस संघर्ष का समाधान सैन्य कार्रवाई से नहीं बल्कि संवाद और कूटनीति से निकल सकता है। बैठक में संयुक्त राष्ट्र चार्टर और अंतरराष्ट्रीय कानूनों के सम्मान पर भी जोर दिया गया। दोनों नेताओं ने वैश्विक शांति और स्थिरता बनाए रखने की जरूरत बताई।

स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप रोडमैप लॉन्च

बैठक के दौरान भारत और नीदरलैंड्स ने एक नया “स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप रोडमैप” लॉन्च किया। इसके तहत व्यापार, इनोवेशन, रक्षा और नई तकनीकों में सहयोग बढ़ाने की योजना तैयार की गई है। ग्रीन हाइड्रोजन सेक्टर में संयुक्त निवेश और रिसर्च को लेकर भी दोनों देशों ने बड़ा रोडमैप तैयार किया है। इसे स्वच्छ ऊर्जा क्षेत्र में अहम कदम माना जा रहा है।

रक्षा और सेमीकंडक्टर सेक्टर पर फोकस

रक्षा क्षेत्र में दोनों देशों ने डिफेंस इंडस्ट्रियल रोडमैप तैयार करने पर सहमति जताई। इसके तहत रक्षा उपकरणों के संयुक्त उत्पादन, टेक्नोलॉजी ट्रांसफर और जॉइंट वेंचर को बढ़ावा दिया जाएगा। सेमीकंडक्टर क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के लिए नीदरलैंड्स के 'सेमिकॉन कॉम्पिटेंस सेंटर' और भारतीय सेमीकंडक्टर मिशन के बीच साझेदारी की पहल का स्वागत किया गया। इसके अलावा क्रिटिकल मिनरल्स सप्लाई चेन मजबूत करने पर भी सहमति बनी।

भारत-नीदरलैंड्स व्यापार में लगातार बढ़ोतरी

दोनों देशों के बीच आर्थिक संबंध भी तेजी से मजबूत हो रहे हैं। साल 2024-25 में भारत और नीदरलैंड्स के बीच व्यापार 27.8 अरब डॉलर तक पहुंच गया। नीदरलैंड्स भारत में चौथा सबसे बड़ा विदेशी निवेशक है। वहीं रॉटरडैम पोर्ट भारतीय निर्यातकों के लिए यूरोप में अहम एंट्री गेट माना जाता है।

आतंकवाद पर भी साझा रुख

आतंकवाद के मुद्दे पर भी दोनों देशों ने एकजुटता दिखाई। नीदरलैंड्स के प्रधानमंत्री ने पहलगाम आतंकी हमले की निंदा करते हुए भारत के साथ खड़े रहने का भरोसा दिया। दोनों नेताओं ने कहा कि आतंकवाद के खिलाफ “जीरो टॉलरेंस” नीति जरूरी है और इस मुद्दे पर किसी भी तरह का दोहरा रवैया स्वीकार नहीं किया जाना चाहिए।