प्रधानमंत्री की पहल पर अब हर कैबिनेट बैठक में मंत्री अपनी मंत्रालय से जुड़ी या प्रेरक ‘गुड न्यूज’ साझा करेंगे, जिससे सरकार में सकारात्मक कार्य-संस्कृति को बढ़ावा मिले।
नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई में होने वाली साप्ताहिक कैबिनेट बैठक अब नए पीएम ऑफिस ‘सेवा तीर्थ’ में आयोजित की जा रही है। इस बार बैठक की खास चर्चा किसी बड़े फैसले से ज्यादा उसकी नई परंपरा को लेकर है। प्रधानमंत्री ने तय किया है कि अब हर मंत्री बैठक में एक ‘गुड न्यूज’ जरूर साझा करेगा।
सिर्फ एजेंडा नहीं, अनुभव भी होंगे साझा
कैबिनेट की बैठकों में आम तौर पर नीतिगत फैसलों और योजनाओं की समीक्षा होती है, लेकिन प्रधानमंत्री मोदी इसे संवाद और मंथन का मंच भी मानते हैं। वे मंत्रियों से केवल रिपोर्ट नहीं लेते, बल्कि उनसे सक्रिय भागीदारी, फीडबैक और सुझाव भी चाहते हैं।
अब इस प्रक्रिया में एक नया आयाम जुड़ गया है। हर मंत्री को कोई सकारात्मक खबर सुनानी होगी। यह पहल बैठक के माहौल को अधिक रचनात्मक और प्रेरक बनाने के उद्देश्य से शुरू की गई है।
गुड न्यूज क्या हो सकती है?
बैठक के दौरान बताई जाने वाली ‘गुड न्यूज’ दो तरह की हो सकती है। इसमें पहली मंत्रालय से जुड़ी कोई उपलब्धि हो सकती है। इसमें जैसे किसी योजना का समय से पहले पूरा होना, किसी परियोजना का सफल क्रियान्वयन या किसी सरकारी उपक्रम को घाटे से निकालकर मुनाफे में लाना।
सूत्रों के मुताबिक, हाल ही में एक सीनियर मंत्री ने बताया कि उन्होंने घाटे में चल रही एक सरकारी कंपनी को कुछ ही महीनों में करीब 100 करोड़ रुपये के लाभ में पहुंचा दिया।
दूसरी तरह की गुड न्यूज व्यक्तिगत या प्रेरक अनुभव भी हो सकती है। उदाहरण के तौर पर, पिछले वर्ष नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने बैठक में यह खुशखबरी साझा की थी कि उनके घर बेटे का जन्म हुआ है।
आम लोगों के जीवन में बदलाव पर फोकस
कई मंत्री अपने मंत्रालयों के फैसलों से आम नागरिकों के जीवन में आए सकारात्मक बदलावों को भी साझा करते हैं। बिजली, पानी, सड़क, स्वास्थ्य, रेलवे, शिक्षा और आईटी जैसे क्षेत्रों में हुई प्रगति को गुड न्यूज के रूप में रखा जाता है। इससे न केवल उपलब्धियों की जानकारी मिलती है, बल्कि अन्य मंत्रालयों को भी बेहतर काम करने की प्रेरणा मिलती है।
सकारात्मक कार्य-संस्कृति की दिशा में कदम
प्रधानमंत्री की यह पहल केवल औपचारिकता भर नहीं मानी जा रही। इसे सरकार के भीतर सकारात्मक कार्य-संस्कृति विकसित करने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है। विस्तृत एजेंडे पर चर्चा के बाद जब बैठक का समापन गुड न्यूज के साथ होता है, तो माहौल हल्का और प्रेरक बन जाता है। इस पहल का उद्देश्य मंत्रियों को जनहित, नवाचार और परिणाम आधारित कामकाज के लिए प्रोत्साहित करना है।