पश्चिम बंगाल रैली में पीएम मोदी ने टीएमसी पर तीखा हमला बोला और महिला आरक्षण पर भाजपा का रुख स्पष्ट किया। अमित शाह ने भी चुनाव में जीत का दावा किया। swadesh news
कोलकाता: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दमदम में चुनावी रैली को संबोधित करते हुए तृणमूल कांग्रेस पर सीधा हमला बोला। उन्होंने कहा कि राज्य में बदलाव की लहर चल रही है और टीएमसी का “दीया बुझने वाला है”, जो बुझने से पहले फड़फड़ा रहा है। प्रधानमंत्री ने दावा किया कि पहले चरण के मतदान ने इस परिवर्तन की दिशा तय कर दी है और आने वाले चरणों में यह और स्पष्ट होगा।
महिला आरक्षण और सुरक्षा पर जोर
पीएम मोदी ने अपने संबोधन में महिला सुरक्षा और अधिकारों को प्रमुख मुद्दा बनाया। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी बेटियों के सपनों को कुचलने नहीं देगी और महिलाओं की सुरक्षा सरकार की प्राथमिकता होगी। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में महिलाओं के साथ अन्याय हो रहा है और उनकी आवाज को दबाने की कोशिश की जाती है।
टीएमसी पर भ्रष्टाचार और सिंडिकेट के आरोप
प्रधानमंत्री ने कहा कि बंगाल को टीएमसी के डर, भ्रष्टाचार और सिंडिकेट व्यवस्था से मुक्ति चाहिए। उन्होंने बेरोजगारी, पलायन और अवैध कब्जों को भी बड़ा मुद्दा बताया। उन्होंने कहा कि पहले चरण में जनता ने “लोकतंत्र के मंदिर” को मजबूत किया है और दूसरे चरण में इसे और आगे बढ़ाने की जरूरत है।
अमित शाह का दावा- बनेगी भाजपा सरकार
इससे पहले केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कोलकाता में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर चुनावी तस्वीर को लेकर बड़ा दावा किया। उन्होंने कहा कि राज्य में भाजपा की सरकार बनना तय है और 4 मई को नतीजे इसके पक्ष में आएंगे। उन्होंने “भतीजा टैक्स” और सिंडिकेट सिस्टम खत्म करने का वादा करते हुए कहा कि व्यापारियों को किसी तरह का दबाव नहीं झेलना पड़ेगा।
रिकॉर्ड मतदान ने बढ़ाई सियासी हलचल
राज्य में पहले चरण के मतदान में 152 सीटों पर करीब 92.72 प्रतिशत वोटिंग दर्ज की गई, जिसे चुनावी विश्लेषक निर्णायक संकेत मान रहे हैं। दूसरे चरण के लिए 29 अप्रैल को मतदान होना है, जबकि नतीजे 4 मई को घोषित किए जाएंगे।
भाजपा की विचारधारा में बंगाल का योगदान
पीएम मोदी ने अपने भाषण में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का उल्लेख करते हुए कहा कि भाजपा की विचारधारा की जड़ें बंगाल से जुड़ी हैं। उन्होंने कहा कि “दो विधान, दो निशान” की अवधारणा को खत्म करने का काम भाजपा ने किया है।
चुनाव में बढ़ती राजनीतिक गर्मी
बंगाल चुनाव में राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। एक ओर भाजपा बदलाव और विकास का मुद्दा उठा रही है, वहीं सत्तारूढ़ दल पर भ्रष्टाचार और कानून-व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं। आने वाले चरणों की वोटिंग और 4 मई के नतीजे तय करेंगे कि बंगाल की सत्ता किसके हाथ में जाती है, लेकिन फिलहाल राज्य की राजनीति पूरी तरह चुनावी मोड में है।