Breaking News
  • पुणे में एयरफोर्स के विमान की हार्ड लैंडिंग: करीब 11 घंटे बंद रहा रनवे, 91 फ्लाइट्स कैंसिल
  • प्रधानमंत्री मोदी आज रात 8:30 बजे करेंगे राष्ट्र को संबोधित, बड़े एलान की संभावना
  • ‘डील करो वरना फिर बमबारी’, ईरान पर ट्रंप का सख्त अल्टीमेटम
  • IPL 2026: हैदराबाद में SRH बनाम CSK मुकाबला, दोनों टीमें जीत के इरादे से मैदान में
  • अमेरिका दौरे पर वायुसेना प्रमुख, F-15EX फाइटर जेट में भरी उड़ान
  • महिला आरक्षण विधेयक गिरने पर सियासत तेज, संसद सत्र अनिश्चितकाल के लिए स्थगित

होम > देश

Parliament Adjourned, Constitution Bill Fails

संसद सत्र अनिश्चितकाल के लिए स्थगित, संविधान संशोधन विधेयक पास नहीं हो सका

संसद का विशेष सत्र अनिश्चितकाल के लिए स्थगित, संविधान संशोधन विधेयक पास नहीं हो सका। महिला आरक्षण और परिसीमन मुद्दे पर सरकार और विपक्ष आमने-सामने।


संसद सत्र अनिश्चितकाल के लिए स्थगित संविधान संशोधन विधेयक पास नहीं हो सका

नई दिल्ली: संसद के विशेष सत्र का समापन अनिश्चितकालीन स्थगन के साथ हो गया। महिला आरक्षण और परिसीमन से जुड़े संविधान संशोधन विधेयक पर दो दिन चली चर्चा के बावजूद इसे लोकसभा से पारित नहीं कराया जा सका। शनिवार को सत्र के अंतिम दिन कार्यवाही शुरू होने के कुछ ही देर बाद लोकसभा और राज्यसभा दोनों को स्थगित कर दिया गया।

महिला आरक्षण और परिसीमन पर बढ़ा राजनीतिक टकराव

विधेयक को लेकर सरकार और विपक्ष के बीच तीखा राजनीतिक विवाद देखने को मिला। केंद्र सरकार का आरोप है कि विपक्ष ने राजनीतिक कारणों से इस महत्वपूर्ण विधेयक को पारित नहीं होने दिया। वहीं विपक्ष का कहना है कि सरकार ने महिला आरक्षण के साथ परिसीमन को जोड़कर मुद्दे को जटिल बना दिया। केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि इस विधेयक के पास न होने से देश की महिलाओं को नुकसान हुआ है। उनके अनुसार, महिलाओं को निर्णय प्रक्रिया में भागीदारी देने का एक बड़ा अवसर चूक गया।

विपक्ष का पलटवार, संविधान की रक्षा का दावा

कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा कि विपक्ष ने संविधान की रक्षा के लिए इस विधेयक का विरोध किया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार परिसीमन के जरिए राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश कर रही थी। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि उनका विरोध महिला आरक्षण से नहीं, बल्कि परिसीमन से जुड़े प्रावधानों से है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस लंबे समय से महिला आरक्षण के समर्थन में रही है और पहले भी ऐसे विधेयक को समर्थन दिया जा चुका है।

दक्षिण भारत से भी तीखी प्रतिक्रिया

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने इस मुद्दे पर कड़ा बयान देते हुए कहा कि इस घटनाक्रम ने राजनीतिक दलों की वास्तविक स्थिति को उजागर कर दिया है। उन्होंने अपनी पार्टी की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए इसे ऐतिहासिक बताया। संसद का यह विशेष सत्र कई अहम मुद्दों पर चर्चा के बावजूद बिना किसी ठोस विधायी परिणाम के समाप्त हो गया। महिला आरक्षण और परिसीमन जैसे संवेदनशील विषयों पर सहमति न बन पाना राजनीतिक मतभेदों की गहराई को दर्शाता है।  

Related to this topic: