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Opposition to Oppose Lok Sabha Seat Increase Bill,

लोकसभा सीट बढ़ाने वाले परिसीमन बिल का विपक्ष करेगा विरोध, खड़गे ने बैठक के बाद दिया बयान

नई दिल्ली में विपक्षी दलों की बैठक के बाद मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि लोकसभा सीटें बढ़ाने और परिसीमन बिल का विरोध किया जाएगा, हालांकि महिला आरक्षण का समर्थन जारी रहेगा।


लोकसभा सीट बढ़ाने वाले परिसीमन बिल का विपक्ष करेगा विरोध खड़गे ने बैठक के बाद दिया बयान

नई दिल्ली में बुधवार को विपक्षी दलों की एक महत्वपूर्ण बैठक हुई, जिसमें लोकसभा सीटों की संख्या बढ़ाने और परिसीमन से जुड़े केंद्र सरकार के प्रस्ताव पर चर्चा की गई। बैठक के बाद कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने साफ कहा कि विपक्ष इस बिल का विरोध करेगा। इस बैठक में राहुल गांधी, टीएमसी, आरजेडी, शिवसेना (यूबीटी), एनसीपी (शरद गुट) और आम आदमी पार्टी समेत कई प्रमुख दलों के नेता शामिल हुए।

महिला आरक्षण का समर्थन, परिसीमन पर आपत्ति

मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि विपक्ष महिला आरक्षण का विरोध नहीं करता, लेकिन सरकार इस मुद्दे को राजनीतिक उद्देश्य से आगे बढ़ा रही है। उनके अनुसार, लोकसभा सीटों को बढ़ाकर नए परिसीमन की प्रक्रिया से राजनीतिक संतुलन प्रभावित हो सकता है। विपक्षी दलों का कहना है कि मौजूदा 543 सीटों के आधार पर ही महिला आरक्षण लागू किया जाना चाहिए और इसे 2029 के चुनाव से प्रभावी किया जाए।

संसद के विशेष सत्र में पेश होंगे तीन बिल

सरकार 16, 17 और 18 अप्रैल को संसद के विशेष सत्र में तीन महत्वपूर्ण विधेयक पेश करने की तैयारी में है

  • संविधान (131वां संशोधन) विधेयक

  • परिसीमन संशोधन विधेयक

  • केंद्र शासित प्रदेश कानून संशोधन विधेयक 2026

सरकार का प्रस्ताव है कि लोकसभा की सीटें बढ़ाकर लगभग 850 की जाएं, जिनमें महिलाओं के लिए करीब एक तिहाई आरक्षण रखा जाएगा।

दक्षिणी राज्यों की चिंता भी सामने आई

विभिन्न नेताओं ने इस प्रस्ताव पर चिंता जताई है। उनका कहना है कि जनसंख्या आधारित परिसीमन से दक्षिणी राज्यों का राजनीतिक प्रतिनिधित्व प्रभावित हो सकता है।कई नेताओं ने यह भी कहा कि वर्तमान में दक्षिण भारत का प्रतिनिधित्व लगभग 24 प्रतिशत है, जो नए परिसीमन के बाद असंतुलित हो सकता है।

विपक्ष और क्षेत्रीय दलों की प्रतिक्रिया

विपक्षी दलों ने इस मुद्दे पर अलग-अलग प्रतिक्रिया दी है। तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने केंद्र को पत्र लिखकर कहा कि दक्षिणी राज्यों के हितों की अनदेखी नहीं होनी चाहिए। राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल ने कहा कि सरकार इस कदम को 2029 के चुनावी लाभ के लिए इस्तेमाल कर सकती है और महिलाओं को आरक्षण मौजूदा सीटों के आधार पर ही दिया जाना चाहिए। 

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