सेना ने चेतावनी दी, ऑपरेशन सिंदूर 2.0 में प्रतिक्रिया पिछली बार से कठोर होगी। पाकिस्तान को मिली स्पष्ट संदेश, सुरक्षा और सशस्त्र बलों की तत्परता जारी।
जम्मू। भारत ने 7 मई, 2025 को ऑपरेशन सिंदूर का शुभारंभ किया था। यह ऑपरेशन 22 अप्रैल को पहलगाम हमले के जवाब में किया गया था, जिसमें पाकिस्तान और पाक अधिकृत कश्मीर में आतंकी ढांचे को निशाना बनाया गया। इस हमले में 26 नागरिक मारे गए थे। चार दिनों तक चले सीमा पार ड्रोन और मिसाइल हमलों के बाद 10 मई को भारत और पाकिस्तान समझौते पर पहुंचे, और संघर्ष विराम हुआ।
सेना अधिकारी का बयान
लेफ्टिनेंट जनरल कटियार ने कहा
ऑपरेशन सिंदूर में हमने उनके सभी आतंकवादी ठिकानों पर हमला किया। इसके बाद पाकिस्तान ने जवाबी कार्रवाई की, और जवाब में हमने उनके सैन्य और हवाई ठिकानों को नष्ट किया। हमें पूरा यकीन है कि अगर कभी ऑपरेशन सिंदूर 2.0 करना पड़ा, तो प्रतिक्रिया और कठोर होगी।
उन्होंने कहा कि पाकिस्तान ने कारगिल या 1971 युद्ध से कोई सबक नहीं सीखा है, और सवाल यह है कि क्या वे ऑपरेशन सिंदूर से सीखेंगे। अधिकारी ने पाकिस्तान पर छद्म युद्ध और प्रॉक्सी का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया। उनका कहना था कि पाकिस्तान एक "नाजुक और कमजोर राष्ट्र" है, जो संघर्ष विराम की मांग करने के लिए अन्य देशों से मदद मांगता है और परमाणु युद्ध की धमकी देता है।

ऑपरेशन सिंदूर की रणनीति और संदेश
ऑपरेशन सिंदूर ने यह साबित किया कि भारत की सेना सटीक और निर्णायक कार्रवाई करने में सक्षम है। लेफ्टिनेंट जनरल कटियार ने स्पष्ट किया कि अगर देश की सुरक्षा और नागरिकों की जान पर खतरा हुआ, तो भारत की प्रतिक्रिया कठोर और प्रभावशाली होगी। यह बयान न केवल पाकिस्तान के लिए चेतावनी है, बल्कि क्षेत्रीय सुरक्षा और भारत की सशस्त्र बलों की तत्परता को भी दर्शाता है।