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मध्य प्रदेश के इस जिले में स्थित है देश का सबसे प्राचीन शनि मंदिर, जहां त्रेतायुग से न्याय कर र

मध्य प्रदेश के इस जिले में स्थित है देश का सबसे प्राचीन शनि मंदिर, जहां त्रेतायुग से न्याय कर रहे हैं भगवान

मध्य प्रदेश के इस जिले में स्थित है देश का सबसे प्राचीन शनि मंदिर जहां त्रेतायुग से न्याय कर रहे हैं भगवान

मध्य प्रदेश के मुरैना जिले में भगवान शनिदेव की एक ऐसी मंदिर स्थापित है, जिसे देश की सबसे प्राचीन शनि मंदिर माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस मंदिर में भगवान त्रेता युग से विराजमान हैं। इस मंदिर में हर शनिवार को भक्तों की भीड़ उमड़ती है और भगवान भक्तों को आशीर्वाद देते हैं। इस मंदिर से बजरंगबली का भी संबंध माना जाता है।

श्रीलंका से शनिदेव को लेकर आए थे हनुमान

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार रामायण काल में महाप्रतापी रावण ने सभी 9 ग्रहों को बंदी बना रखा था। शनिवदेव को भी विशेष सुरक्षा में रखा गया था। जब हनुमान जी ने सीता की खोज में लंका दहन किया था, तब शनिवदेव जी भी मुक्त करा लिए थे। हनुमान जी ने शनिदेव को इसी ऐंती गांव के पास स्थित पर्वत पर विश्राम करने के लिए छोड़ दिया था। 

कहां स्थित है मंदिर?

मध्य प्रदेश के मुरैना जिले के ऐंति गांव में यह शनि मंदिर स्थापित है। कालांतर में इस मंदिर का निर्माण उज्जैन के चक्रवर्ती सम्राट विक्रमादित्य ने कराया था। फिर ग्वालियर के सिंधिया राजाओं ने इस मंदिर का जीर्णोद्धार करवाया। 

मंदिर की अनोखी मान्यताएं

इस मंदिर में एक अनोखी परंपरा भी चलती आ रही है। इस मंदिर में भक्त दर्शन करने के बाद अपने चप्पल जूते और पहने हुए कपड़े मंदिर में ही छोड़ जाते हैं। कहा जाता है कि ऐसा करने से सभी दुखों और दरिद्रता से मुक्ति मिलती है और ग्रह दोष सहित सभी पाप नष्ट हो जाते हैं।

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