कटक के SCB मेडिकल कॉलेज अस्पताल के ICU में आग लगने से 10 मरीजों की मौत हो गई। हादसे में 11 कर्मचारी झुलस गए। मुख्यमंत्री मोहन चरण मांझी ने मृतकों के परिजनों को 25-25 लाख रुपये मुआवजा देने का ऐलान किया
ओडिशा के कटक स्थित एससीबी मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में सोमवार तड़के बड़ा हादसा हो गया। ट्रॉमा केयर यूनिट के ICU में आग लगने से कम से कम 10 मरीजों की मौत हो गई, जबकि कई कर्मचारी झुलस गए। घटना के बाद अस्पताल में अफरा-तफरी मच गई और अन्य मरीजों को तुरंत दूसरे वार्डों में शिफ्ट किया गया।
ट्रॉमा केयर ICU में लगी आग
जानकारी के मुताबिक आग अस्पताल की पहली मंजिल पर बने ट्रॉमा केयर ICU में लगी, जहां करीब 23 मरीज भर्ती थे। हादसे के समय रात का समय होने के कारण अधिकतर मरीज वेंटिलेशन सपोर्ट पर थे। शुरुआती जांच में आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट मानी जा रही है.आग लगने के बाद अस्पताल स्टाफ और दमकल टीम ने तुरंत बचाव कार्य शुरू किया। कई मरीजों को ICU से निकालकर दूसरे वार्डों में शिफ्ट किया गया। हालांकि, गंभीर हालत में भर्ती कुछ मरीजों की जान नहीं बचाई जा सकी।
7 मरीजों की मौके पर मौत, 3 ने इलाज के दौरान दम तोड़ा
रिपोर्ट के अनुसार, हादसे में 7 मरीजों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 3 अन्य मरीजों ने अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। मरीजों को बचाने की कोशिश में कम से कम 11 अस्पताल कर्मचारी भी झुलस गए हैं.दमकल विभाग की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और कुछ ही समय में आग पर काबू पा लिया गया। इसके बाद ICU के अंदर बेड और मेडिकल उपकरण बुरी तरह जले हुए पाए गए।

मुख्यमंत्री ने किया मुआवजे का ऐलान
ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण मांझी घटना की जानकारी मिलते ही अस्पताल पहुंचे और घायलों का हाल जाना। उन्होंने मृतकों के परिजनों को 25-25 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। साथ ही हादसे की उच्चस्तरीय जांच के आदेश भी दिए गए हैं.मुख्यमंत्री ने कहा कि घटना के कारणों की विस्तृत जांच कराई जाएगी और जिम्मेदार पाए जाने वालों पर कार्रवाई की जाएगी।
राज्य का प्रमुख अस्पताल है SCB मेडिकल कॉलेज
कटक का एससीबी मेडिकल कॉलेज और अस्पताल राज्य के सबसे बड़े सरकारी अस्पतालों में से एक है, जहां डिशा के विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में मरीज इलाज के लिए आते हैं। यह पूर्वी भारत के पुराने और प्रमुख मेडिकल संस्थानों में शामिल है।
सुरक्षा पर सवाल
कटक के इस अस्पताल में लगी आग ने स्वास्थ्य व्यवस्था और अस्पतालों में अग्नि सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशासन ने जांच शुरू कर दी है और अस्पताल प्रबंधन से सुरक्षा मानकों की समीक्षा करने को कहा गया है। हादसे के बाद राज्य भर में शोक की लहर है।