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4 New Labour Codes Implemented in India

अब बदलेगी वर्कर की जिंदगी! देशभर में लागू हुए 4 नए लेबर कोड

देशभर में चार नए लेबर कोड लागू हो गए हैं। अब कर्मचारियों को नियुक्ति पत्र, तय कार्य घंटे, ओवरटाइम भुगतान और हेल्थ चेकअप जैसी सुविधाएं मिलेंगी।


अब बदलेगी वर्कर की जिंदगी देशभर में लागू हुए 4 नए लेबर कोड

केंद्र सरकार ने देश की श्रम व्यवस्था में बड़ा बदलाव करते हुए चार नए लेबर कोड लागू कर दिए हैं। लंबे समय से चर्चा में रहे इन नियमों को अब आधिकारिक तौर पर प्रभावी कर दिया गया है। सरकार ने सभी जरूरी नियमों को राजपत्र में प्रकाशित कर दिया है, जिसके बाद पूरे देश में नई श्रम व्यवस्था लागू हो गई है।इन नए नियमों का असर करोड़ों कर्मचारियों, कंपनियों और उद्योगों पर पड़ेगा। सरकार का दावा है कि इससे कर्मचारियों के अधिकार मजबूत होंगे और रोजगार व्यवस्था अधिक पारदर्शी बनेगी।

कौन-कौन से नए लेबर कोड लागू हुए?

  • वेज कोड 2019

  • इंडस्ट्रियल रिलेशंस कोड 2020

  • सोशल सिक्योरिटी कोड 2020

  • ऑक्यूपेशनल सेफ्टी, हेल्थ एंड वर्किंग कंडीशंस कोड 2020

इन नए कोड्स के जरिए 29 पुराने श्रम कानूनों को एकीकृत कर आसान व्यवस्था बनाने की कोशिश की गई है।

अब हफ्ते में 48 घंटे से ज्यादा काम नहीं

नए नियमों के मुताबिक अब किसी भी कर्मचारी से सप्ताह में अधिकतम 48 घंटे ही काम लिया जा सकेगा। कंपनियों को कर्मचारियों पर जरूरत से ज्यादा काम का दबाव डालने की अनुमति नहीं होगी।यदि कोई कर्मचारी तय समय से ज्यादा काम करता है, तो उसे ओवरटाइम का अतिरिक्त भुगतान देना अनिवार्य होगा। इसके साथ ही हर कर्मचारी को सप्ताह में कम से कम एक दिन का अवकाश देना भी जरूरी कर दिया गया है।

हर कर्मचारी को मिलेगा नियुक्ति पत्र

नई व्यवस्था में नौकरी के समय लिखित नियुक्ति पत्र देना अनिवार्य कर दिया गया है। इससे कर्मचारियों को उनकी नौकरी, वेतन और शर्तों की स्पष्ट जानकारी मिलेगी।सरकार का मानना है कि इससे रोजगार व्यवस्था में पारदर्शिता बढ़ेगी और कर्मचारियों के अधिकार सुरक्षित होंगे।

40 साल से ज्यादा उम्र वालों को हेल्थ चेकअप

नए लेबर कोड में कर्मचारियों की सेहत को लेकर भी बड़ा प्रावधान किया गया है। अब 40 वर्ष या उससे अधिक उम्र के कर्मचारियों के लिए मुफ्त स्वास्थ्य जांच की सुविधा दी जाएगी।इसका उद्देश्य कार्यस्थलों पर कर्मचारियों की सुरक्षा और स्वास्थ्य को बेहतर बनाना बताया जा रहा है।

कंपनियों और कर्मचारियों दोनों पर असर

सरकार का कहना है कि नए लेबर कोड से ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और उद्योगों में कामकाज की प्रक्रिया आसान होगी।हालांकि, कई श्रमिक संगठनों ने पहले इन नियमों को लेकर चिंता भी जताई थी। उनका कहना था कि कुछ प्रावधानों से कर्मचारियों पर असर पड़ सकता है। अब इन नियमों के लागू होने के बाद उनके वास्तविक प्रभाव पर नजर रहेगी।

क्यों जरूरी माना जा रहा था बदलाव?

सरकार के अनुसार पुराने श्रम कानून काफी जटिल और समय के हिसाब से पुराने हो चुके थे। अलग-अलग नियमों के कारण कंपनियों और कर्मचारियों दोनों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता था।इसी वजह से 29 कानूनों को मिलाकर चार बड़े कोड बनाए गए, ताकि श्रम व्यवस्था को आधुनिक और सरल बनाया जा सके।

 

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