अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स जो कि अपने सहयोगी के साथ 8 दिन के लिए अंतरिक्ष में गई थी अब 9 महीने के बाद उनकी वापसी हो गई है।
अनेक प्रयासों और कड़ी मेहनत के बाद आख़िरकार नासा की अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स और बुच विल्मोर की धरती में वापसी हो गई है। भारतीय मूल की अंतरिक्ष यात्री सुनीता और उनके सहयोगी को 286 दिन (क़रीब 9 माह) अंतरिक्ष में गुजराना पड़ा। भारतीय समयानुसार आज यानी बुधवार सुबह 3.30 बजे फ्लोरिडा के तट पर दोनों सुरक्षित लैंड कर गए। इस दौरान सुनीता मुस्कुराती हुई सभी का अभिवादन करते हुई दिखी, जिसका वीडियो भी तेजी से वायरल हो रहा है। बता दें स्पेस से धरती तक पहुंचने में लगभग 17 घंटे का समय लगा।
यहां देखें लैंडिंग का वीडियो
मुस्कुराते हुए उतरी सुनीता
स्टेचर पर ला गई सुनीता
अंतरिक्ष से लौटने के बाद सुनीता विलियम्ल और उनके साथियों को स्ट्रेचर पर लाया गया। इस दौरान सुनीता के पैर भी सीधे रखे गए थे। यह एक प्रोटोकॉल होता है जो हर अंतरिक्ष यात्री फॉलो करता है। यही कारण है कि अंतरिक्ष से आने के तुंरत बाद यात्री पैदल नहीं चल पाते। उनके शरीर में कई तरह के बदलाव होते हैं।
सुनीता विलियम्स क्यों गई थी अंतरिक्ष?
नासा ने 5 जून 2024 को बोइंग क्रू फ्लाइट टेस्ट मिशन लॉन्च किया। जिसमें सुनीता, स्पेसक्राफ्ट की पायलट थीं। उनके साथ गए बुच विलमोर इस मिशन के कमांडर थे। दोनों को आठ दिन तक अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (आईएसएस) में रुकना था और कुछ स्पेस रिसर्च करने थे। यह अंतरिक्ष यात्रियों के साथ अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (आईएसएस) के लिए स्टारलाइनर अंतरिक्ष यान की पहली उड़ान थी। नासा इस तरहवके प्रयोग करके अमेरिका के निजी उद्योग के साथ साझेदारी में अमेरिका से अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन तक सुरक्षित, विश्वसनीय और कम लागत के मानव मिशन भेजने का प्रयास कर रहा है।