पीएम नरेंद्र मोदी ने महिला आरक्षण बिल पर बड़ा बयान दिया। 16 अप्रैल से संसद का विशेष सत्र बुलाया गया है, जिसमें नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर चर्चा होगी।
नई दिल्लीः नई दिल्ली में आयोजित ‘नारी शक्ति वंदन सम्मेलन’ में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महिला आरक्षण बिल को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि देश अब उस ऐतिहासिक मोड़ पर पहुंच रहा है, जिसका इंतजार दशकों से किया जा रहा था। विज्ञान भवन में सोमवार को आयोजित कार्यक्रम में पीएम मोदी ने कहा कि भारतीय संसद एक नया इतिहास रचने की ओर बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि महिला आरक्षण को लागू करने की दिशा में सरकार ने 16 से 18 अप्रैल तक संसद का विशेष सत्र बुलाया है। पीएम मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ महिलाओं के लिए एक बड़ा अवसर साबित होगा और इससे संसद एवं विधानसभाओं में उनकी भागीदारी और मजबूत होगी।
महिलाओं के सशक्तिकरण पर सरकार का फोकस
प्रधानमंत्री ने कहा कि 2014 के बाद से सरकार ने महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए कई योजनाएं लागू की हैं। इनमें बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, उज्ज्वला योजना, स्वच्छ भारत अभियान, सुकन्या समृद्धि योजना, आयुष्मान भारत और मिशन इंद्रधनुष जैसी योजनाएं शामिल हैं। उन्होंने कहा कि इन योजनाओं का सबसे अधिक लाभ देश की महिलाओं और बेटियों को मिला है और इससे उनके जीवन में व्यापक बदलाव आया है।
आरक्षण बिल पर राजनीतिक सहमति का जिक्र
पीएम मोदी ने कहा कि महिला आरक्षण को लेकर पिछले चार दशकों से लगातार चर्चा चल रही है और विभिन्न राजनीतिक दलों ने भी इस विचार का समर्थन किया है। उन्होंने यह भी कहा कि 2023 में इस बिल को सर्वसम्मति से पारित किया गया था।
संसद के विशेष सत्र की तैयारी
सरकार ने घोषणा की है कि 16 से 18 अप्रैल तक संसद का विशेष सत्र आयोजित किया जाएगा, जिसमें महिला आरक्षण को लागू करने से जुड़े विधेयकों पर चर्चा होगी। बताया जा रहा है कि यह प्रक्रिया जनगणना और परिसीमन से जुड़ी हुई है। सूत्रों के अनुसार, संशोधन के बाद लोकसभा सीटों की संख्या में भी बदलाव संभव है। हालांकि, ओबीसी आरक्षण को लेकर मौजूदा प्रावधानों में कोई बदलाव नहीं किया गया है, जबकि एससी/एसटी आरक्षण पहले की तरह लागू रहेगा।