महाराष्ट्र के मुंबई एयरपोर्ट पर एयर इंडिया ग्राउंड स्टाफ की अचानक हड़ताल से उड़ानें बुरी तरह प्रभावित हुईं। कई यात्री घंटों विमान में फंसे रहे और बैगेज डिलीवरी में भारी देरी हुई।
मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर सोमवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एयर इंडिया की ग्राउंड सेवाएं अचानक ठप पड़ गईं। बिना पूर्व सूचना के हुई हड़ताल ने सैकड़ों यात्रियों की यात्रा मुश्किल बना दी। एआई एयरपोर्ट सर्विसेज लिमिटेड के कर्मचारियों ने वेतन वृद्धि और प्रशासनिक मांगों को लेकर काम बंद कर दिया। इसका सीधा असर उड़ानों की आवाजाही और बैगेज सिस्टम पर पड़ा। कई यात्री विमान लैंड होने के बाद भी घंटों अंदर बैठे रहे, जबकि एयरपोर्ट पर सामान के इंतजार में लंबी लाइनें लग गईं।
15 से ज्यादा उड़ानें प्रभावित
ग्राउंड स्टाफ की अचानक हड़ताल के कारण एयर इंडिया की 15 से ज्यादा उड़ानें प्रभावित हुईं। कई फ्लाइट्स 90 मिनट से लेकर दो घंटे तक देरी से संचालित हुईं। सबसे ज्यादा असर उन उड़ानों पर पड़ा, जिनमें बैगेज हैंडलिंग और यात्रियों को विमान से उतारने की प्रक्रिया ग्राउंड स्टाफ के जिम्मे थी। स्थिति इतनी बिगड़ गई कि कुछ अंतरराष्ट्रीय और घरेलू उड़ानों के यात्री रनवे पर विमान खड़े होने के बाद भी लंबे समय तक अंदर ही बैठे रहे।
लैंडिंग के बाद भी नहीं खुला विमान का दरवाजा
हैदराबाद से मुंबई पहुंची एयर इंडिया की एक फ्लाइट सुबह 11:45 बजे उतर चुकी थी, लेकिन यात्रियों को करीब एक घंटे तक विमान के भीतर ही इंतजार करना पड़ा। बाहर निकलने के बाद भी राहत नहीं मिली। बैगेज बेल्ट पर सामान आने में भारी देरी हुई, क्योंकि सामान उतारने और ट्रांसफर करने वाले कर्मचारी हड़ताल पर थे। यात्रियों का आरोप है कि एयरलाइन और एयरपोर्ट प्रशासन की तरफ से समय पर कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई।
बिजनेस मीटिंग और कनेक्टिंग फ्लाइट्स छूटीं
इस अव्यवस्था का असर यात्रियों की निजी और पेशेवर योजनाओं पर भी पड़ा। कई लोगों की बिजनेस मीटिंग और कनेक्टिंग फ्लाइट्स छूट गईं। पुणे के कारोबारी सुजीत दिलीप ने बताया कि सुबह मुंबई पहुंचने के बावजूद उन्हें दोपहर तक एयरपोर्ट पर फंसे रहना पड़ा। उनका कहना था कि जरूरी मीटिंग सिर्फ सिस्टम की लापरवाही की वजह से छूट गई। सोशल मीडिया पर भी यात्रियों ने एयर इंडिया और एयरपोर्ट प्रबंधन के खिलाफ नाराजगी जाहिर की।
वेतन और प्रशासनिक मांगों को लेकर बढ़ा विवाद
जानकारी के मुताबिक AIASL कर्मचारियों ने वेतन वृद्धि और अन्य प्रशासनिक मुद्दों को लेकर विरोध शुरू किया। कर्मचारियों का आरोप है कि लंबे समय से उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया जा रहा था। हालांकि हड़ताल की कोई पूर्व घोषणा नहीं की गई थी, जिससे एयरपोर्ट संचालन अचानक प्रभावित हो गया। अब एयरलाइन और एयरपोर्ट प्रशासन हालात सामान्य करने की कोशिश में जुटे हैं, लेकिन इस घटना ने एयरपोर्ट मैनेजमेंट और संकट से निपटने की तैयारियों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।