कोलकाता में ममता बनर्जी का धरना दूसरे दिन भी जारी। SIR प्रक्रिया में वोटर लिस्ट से लाखों नाम हटाने का आरोप, भाजपा पर बंगाल को बांटने की साजिश का दावा।
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री Mamata Banerjee का विरोध प्रदर्शन शनिवार को दूसरे दिन भी जारी रहा। ममता बनर्जी शुक्रवार दोपहर से शुरू हुए धरने के बाद पूरी रात भी धरनास्थल पर ही रहीं। उन्होंने आरोप लगाया कि स्पेशल इंटेंसिव रिविज़न (SIR) के नाम पर वोटर लिस्ट से लाखों लोगों के नाम हटाए जा रहे हैं , और इसके पीछे राजनीतिक साजिश है।
कोलकाता के एस्प्लेनेड में जारी धरना
यह धरना Kolkata के एस्प्लेनेड मेट्रो चैनल पर 6 मार्च को दोपहर 2 बजे शुरू हुआ था। ममता बनर्जी ने समर्थकों को संबोधित करते हुए कहा कि SIR प्रक्रिया के बाद वोटर लिस्ट से नाम हटाना बंगाल को बांटने की कोशिश है। उन्होंने आरोप लगाया कि BJP बंगाल में चुनावी समीकरण बदलने के लिए यह सब कर रही है।
“बंगालियों को वोट देने से रोकने की साजिश”
ममता बनर्जी ने कहा कि भाजपा अन्य राज्यों में भी बंगाली भाषी लोगों को परेशान कर रही है।उनका आरोप है कि बंगालियों को उनके वोट के अधिकार से वंचित करने की कोशिश हो रही है। उन्होंने कहा कि कुछ लोग शायद डर जाते हों, लेकिन बंगाल ऐसा नहीं करेगा और इस साजिश का पर्दाफाश करेगा। धरना स्थल पर तृणमूल कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता, विधायक और कार्यकर्ता भी मौजूद हैं। सुबह से ही बड़ी संख्या में समर्थक वहां पहुंचते रहे।
बजट की दो योजनाएं आज से लागू
धरने के दौरान मुख्यमंत्री ने राज्य बजट में घोषित दो योजनाओं को तुरंत लागू करने का भी ऐलान किया। इनमें ‘बंगालर युवा साथी’ और ‘भूमिहीन खेत मजदूर’ योजना शामिल हैं। पहले इन योजनाओं को अप्रैल से लागू किया जाना था, लेकिन अब इन्हें तुरंत शुरू करने का फैसला लिया गया है। ममता ने कहा कि बंगाल कई सामाजिक योजनाओं में देश में आगे है, इसलिए राज्य को बदनाम करने की कोशिश की जा रही है।
LPG और महंगाई पर भी केंद्र को घेरा
ममता बनर्जी ने केंद्र सरकार पर महंगाई को लेकर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि LPG गैस सिलेंडर की कीमतें फिर बढ़ा दी गई हैं। अगर गैस खत्म हो जाए और 21 दिन पहले बुकिंग करनी पड़े, तो आम लोग क्या करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि केरोसिन का कोटा कम किया जा रहा है और रोजमर्रा की चीजों के दाम लगातार बढ़ रहे हैं।
SIR के बाद 63 लाख से ज्यादा नाम हटे
आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, पिछले साल नवंबर में SIR प्रक्रिया शुरू होने के बाद से लगभग 63.66 लाख नाम वोटर लिस्ट से हटाए जा चुके हैं। यह कुल मतदाताओं का करीब 8.3% हिस्सा है। इससे राज्य में मतदाताओं की संख्या लगभग 7.66 करोड़ से घटकर 7.04 करोड़ रह गई है। इसके अलावा करीब 60 लाख मतदाताओं को ‘अंडर एडजुडिकेशन’ श्रेणी में रखा गया है। यानी उनकी पात्रता आने वाले हफ्तों में कानूनी जांच के बाद तय की जाएगी। विश्लेषकों का मानना है कि इससे कई विधानसभा क्षेत्रों में चुनावी समीकरण बदल सकते हैं।