केरलम से गोवा तक पहुंचा मानसून, मध्य भारत में चाल धीमी। मध्य प्रदेश में मानसून 20-22 जून के बीच पहुंचने की संभावना।
केरलम से गोवा तक पहुंचा मानसून, मध्य भारत में धीमी पड़ सकती है चाल
दक्षिण-पश्चिम मानसून ने तीन दिन की देरी से केरलम में दस्तक देने के बाद अब रफ्तार पकड़ ली है। केरलम, कर्नाटक और तमिलनाडु के तटीय क्षेत्रों को पार करते हुए मानसून तय समय पर गोवा पहुंच गया है। मौसम विशेषज्ञों का अनुमान है कि मुंबई में भी मानसून समय पर या सामान्य से पहले पहुंच सकता है। हालांकि मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, ओडिशा और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों में इसकी प्रगति धीमी पड़ने के संकेत हैं।
मध्य प्रदेश में मानसून की एंट्री देर से, 20-22 जून के बीच संभावना
मौसम विभाग के अनुसार मध्य प्रदेश में फिलहाल प्री-मानसून गतिविधियां जारी हैं। आंधी और बारिश के कारण अधिकांश शहरों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से नीचे आ गया है। राज्य में 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की चेतावनी जारी की गई है।विशेषज्ञों का कहना है कि बंगाल की खाड़ी में मजबूत निम्न दबाव प्रणाली नहीं बनने के कारण मानसून की उत्तरी और मध्य भारत की ओर बढ़ने की गति प्रभावित हो सकती है। इसी वजह से मध्य प्रदेश में मानसून की एंट्री सामान्य से कुछ दिन देर से, 20 से 22 जून के बीच होने की संभावना जताई जा रही है।
क्यों धीमा पड़ सकता है मानसून?
स्काईमेट वेदर के मौसम वैज्ञानिक जीपी शर्मा के अनुसार मध्य भारत में मानसून को आगे बढ़ाने के लिए बंगाल की खाड़ी में मजबूत मौसमीय सिस्टम की जरूरत होती है। फिलहाल ऐसा कोई प्रभावी सिस्टम सक्रिय नहीं है। इससे मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, ओडिशा और पश्चिम बंगाल में मानसून की प्रगति धीमी हो सकती है।
देश में बारिश की कमी तेजी से घटी
5 जून तक देशभर में मानसूनी वर्षा सामान्य से 14 प्रतिशत कम दर्ज की गई है। हालांकि पिछले चार दिनों में स्थिति में बड़ा सुधार हुआ है। कुछ दिन पहले तक बारिश की कमी 40 प्रतिशत तक पहुंच गई थी, जो अब घटकर 14 प्रतिशत रह गई है।
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संकेतक
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स्थिति
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केरलम में मानसून आगमन
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4 जून
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सामान्य तिथि
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1 जून
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देरी
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3 दिन
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देश में वर्षा की कमी (पहले)
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40%
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वर्तमान वर्षा की कमी
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14%
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MP में संभावित एंट्री
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20-22 जून
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अगले दो दिन मध्य प्रदेश का मौसम
6 जून
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गुना, सीहोर सहित कई जिलों में ऑरेंज अलर्ट
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40 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं
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गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना
7 जून
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पश्चिमी मध्य प्रदेश में आंधी और बारिश का दौर
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कई जिलों में तेज हवाएं चलने के आसार
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तापमान में और गिरावट संभव
राजस्थान में आंधी-बारिश का कहर
राजस्थान में प्री-मानसून गतिविधियां तेज बनी हुई हैं। शुक्रवार को धूलभरी आंधी और तेज बारिश से चार लोगों की मौत हो गई। बीकानेर में एक स्कूल भवन की छत गिरने की घटना भी सामने आई। हालांकि मौसम विभाग ने 8 जून के बाद पश्चिमी राजस्थान में फिर से हीटवेव लौटने की चेतावनी दी है।