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बेटे ने की पिता की हत्या

बाप की हत्या कर नीले ड्रम में छिपाए शव के टुकड़े, सिर 21 किमी दूर फेंका; जानें कैसे खुली मर्डर मिस्ट्री?

पिता ने बेटे को डॉक्टर बनाना चाहा, बेटे ने हत्या कर दी; आरी से शव के टुकड़े कर नीले ड्रम में भर दिया और सिर को 31 किलोमीटर दूर फेंक आया। फिर कैसे खुली मर्डर मिस्ट्री?


बाप की हत्या कर नीले ड्रम में छिपाए शव के टुकड़े सिर 21 किमी दूर फेंका जानें कैसे खुली मर्डर मिस्ट्री

लखनऊ के आशियाना इलाके में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहां एक पैथोलॉजी लैब मालिक की हत्या उनके ही 21 साल के इकलौते बेटे ने कर दी। हत्या के बाद आरोपी ने शव के टुकड़े कर उन्हें एक नीले ड्रम में छिपा दिया और सिर को कार से करीब 21 किलोमीटर दूर फेंक आया। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। लेकिन क्या है इसके पीछे की पूरी कहानी और कैसे खुली मिस्ट्री?

क्या है पूरा मामला?

घटना आशियाना कोतवाली क्षेत्र के सेक्टर-L की है। मृतक मानवेंद्र सिंह वर्धमान पैथोलॉजी लैब के मालिक थे और शराब के कारोबार से भी जुड़े थे। परिवार में बेटा अक्षत (21) और बेटी कृति (17) हैं। पत्नी का नौ साल पहले ही निधन हो चुका था।

मामला सामने आने के बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी। इसमें सामने आया कि 20 फरवरी को सुबह करीब 4:30 बजे बाप-बेटे में पढ़ाई और करियर को लेकर बात शुरू हो गई। लेकिन बात कब विवाद में बदल गई, पता ही नहीं चला। बाप का मन था कि बेटा NEET क्वालीफाई कर MBBS करे। लेकिन बेटा अक्षत बीकॉम कर रहा था और आगे चलकर रेस्टोरेंट या लॉन का बिजनेस करना चाहता था। पिता मानवेंद्र सिंह वर्धमान पर लाइसेंसी राइफल थी और विवाद के चलते बढ़ते ही बेटा गुस्से को रोक नहीं पाया और बाप को गोली मार दी। उस समय उसकी बहन भी घर में मौजूद थी। आरोपी ने उसे किसी को बताने पर जान से मारने की धमकी दी।

शव के टुकड़े कर ड्रम में छिपाया

हत्या करने के बाद उसने शव को छुपाना चाहा और आरी से शव के टुकड़े-टुकड़े कर दिए। धड़ को पॉलीथिन में पैक कर नीले ड्रम में रखा, जबकि सिर और कुछ अन्य अंग कार में डालकर काकोरी क्षेत्र के सदरौना गांव में फेंक आया। वारदात के बाद उसने राइफल गद्दे के नीचे छिपा दी और कार की सफाई कर दी।

तीन दिन बाद दर्ज कराई गुमशुदगी

हैरान कर देने वाली बात है कि पहले तो आरोपी ने खुद बाप को मार डाला और फिर 3 दिन बाद खुद ही बाप की गुमशुदगी की रिपोर्ट लिखवाने थाने चला गया। उसने पुलिस को बताया कि पिता दिल्ली जाने की बात कहकर निकले थे और वापस नहीं लौटे। लेकिन पुलिस को यहीं से सुराग मिल गया। पुलिस को पूछताछ के दौरान उसके हावभाव संदिग्ध लगे। जब पुलिस ने उससे सख्ती से पूछताछ की तो पहले आत्महत्या की कहानी बताई, लेकिन बाद में हत्या की बात कबूल कर ली।

पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर घर से शव के टुकड़े बरामद किए। हालांकि सिर और कुछ अंग अभी तक नहीं मिले हैं, जिनकी तलाश जारी है। मामले की जांच की जा रही है।

पारिवारिक पृष्ठभूमि

मानवेंद्र सिंह मूल रूप से जालौन जिले के रहने वाले थे। उनके पिता उत्तर प्रदेश पुलिस से सेवानिवृत्त हैं। पड़ोसियों के अनुसार, पिता मिलनसार स्वभाव के थे, जबकि आरोपी बेटा कम बोलने वाला और रिजर्व रहता था। चार साल पहले भी वह घर छोड़कर चला गया था और एक पत्र में MBBS न करने की इच्छा जताई थी, हालांकि बाद में लौट आया था।

फिलहाल पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है और आरोपी को न्यायिक प्रक्रिया के तहत आगे की कार्रवाई के लिए भेज दिया गया है।

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