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Lok Sabha Speaker No Confidence Motion

लोकसभा में स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव खारिज, शाह का राहुल-कांग्रेस पर तीखा हमला

लोकसभा में स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ लाया गया अविश्वास प्रस्ताव ध्वनिमत से खारिज हो गया। बहस के दौरान अमित शाह ने राहुल गांधी और कांग्रेस पर तीखा हमला बोला।


लोकसभा में स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव खारिज शाह का राहुल-कांग्रेस पर तीखा हमला

Lok sabha Speaker No motion |

नई दिल्ली। लोकसभा में बुधवार को स्पीकर ओम बिरला को पद से हटाने के लिए लाया गया अविश्वास प्रस्ताव ध्वनिमत से खारिज हो गया। प्रस्ताव पर सरकार की ओर से जवाब देते हुए गृह मंत्री अमित शाह ने करीब 56 मिनट तक अपनी बात रखी और इस दौरान विपक्ष, खासकर राहुल गांधी और इंडियन नेशनल कांग्रेस पर तीखा हमला बोला।

शाह ने कहा कि 18वीं लोकसभा में कांग्रेस सांसदों को बोलने के लिए भाजपा से लगभग दो गुना ज्यादा समय मिला, फिर भी विपक्ष यह आरोप लगाता है कि उन्हें बोलने का मौका नहीं दिया जाता। उन्होंने तंज करते हुए कहा कि जब बोलने का मौका आता है तो विपक्ष के नेता कभी जर्मनी तो कभी इंग्लैंड में होते हैं।

नियमों से चलता है सदन

गृह मंत्री ने कहा कि सदन नियमों से चलता है और स्पीकर को नियमों का उल्लंघन होने पर रोकने और टोकने का अधिकार है। उनके मुताबिक लोकसभा कोई मेला नहीं है और जो सदस्य नियमों का पालन नहीं करेंगे, उनका माइक बंद किया जाना स्वाभाविक है।

शाह ने राहुल गांधी के सदन में व्यवहार का जिक्र करते हुए कहा कि वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से जाकर गले लगते हैं। आंख मारते हैं और फ्लाइंग किस देते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे आचरण के बावजूद विपक्ष स्पीकर के व्यवहार पर सवाल उठाता है, जबकि उन्हें अपने आचरण पर भी विचार करना चाहिए। शाह के बयान के दौरान विपक्षी सांसदों ने जोरदार हंगामा किया और “अमित शाह माफी मांगो” के नारे लगाए।

प्रस्ताव लंबित रहने तक स्पीकर ने नहीं की अध्यक्षता

स्पीकर ओम बिरला ने अविश्वास प्रस्ताव लंबित रहने के दौरान लोकसभा की कार्यवाही की अध्यक्षता नहीं करने का फैसला लिया था। करीब 119 विपक्षी सांसदों ने उन पर सदन चलाने में पक्षपात करने और विपक्ष को पर्याप्त समय न देने का आरोप लगाया था।

संसदीय परंपरा का हवाला देते हुए बिरला ने नैतिक आधार पर कार्यवाही की अध्यक्षता से खुद को अलग रखा। इस दौरान सदन की कार्यवाही पैनल ऑफ चेयरपर्सन के सदस्य चलाते रहे। अब प्रस्ताव खारिज होने के बाद ओम बिरला फिर से लोकसभा की कार्यवाही की अध्यक्षता कर सकते हैं।

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