कोलकाता में चुनाव से पहले ईडी और आयकर विभाग ने तृणमूल उम्मीदवार देबाशीष कुमार समेत कई ठिकानों पर छापेमारी की। रियल एस्टेट और वित्तीय अनियमितताओं को लेकर जांच जारी है।
कोलकाता: पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव से पहले केंद्रीय एजेंसियों की सक्रियता तेज हो गई है। शुक्रवार को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और आयकर विभाग ने कोलकाता और आसपास के इलाकों में एक साथ कई ठिकानों पर छापेमारी की।
ईडी की रियल एस्टेट कंपनियों पर कार्रवाई
प्रवर्तन निदेशालय की टीमों ने साल्ट लेक और कोलकाता में चार अलग-अलग स्थानों पर रियल एस्टेट और निर्माण कंपनियों से जुड़े परिसरों पर तलाशी अभियान चलाया। इस दौरान केंद्रीय सुरक्षा बल भी मौजूद रहे। सूत्रों के अनुसार, यह कार्रवाई वित्तीय अनियमितताओं और संभावित अवैध लेनदेन से जुड़े मामलों की जांच के तहत की जा रही है।
पहले भी हो चुकी है जांच
जांच एजेंसियों के मुताबिक, कुछ दिन पहले भी इसी निर्माण कंपनी से जुड़े ठिकानों पर तलाशी अभियान चलाया गया था। ईडी का कहना है कि यह कार्रवाई भूमि लेनदेन और वित्तीय गतिविधियों की जांच के उद्देश्य से की जा रही है।
TMC उम्मीदवार के घर पर छापेमारी
इसी दौरान आयकर विभाग ने भी अलग-अलग स्थानों पर कार्रवाई की। रासबिहारी विधानसभा क्षेत्र से तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार देबाशीष कुमार के आवास, चुनाव कार्यालय और अन्य ठिकानों पर छापेमारी की गई। टीम ने कोलकाता के मनोहरपुकुर रोड स्थित उनके घर और मोतीलाल नेहरू रोड स्थित कार्यालय में भी तलाशी अभियान चलाया।
राजनीतिक हलचल तेज
इस कार्रवाई के बाद राज्य की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस ने चुनाव से ठीक पहले केंद्रीय एजेंसियों की इस कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं और इसे राजनीतिक रूप से प्रेरित बताया है। केंद्रीय एजेंसियों की ओर से अभी तक इस मामले में विस्तृत आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, लेकिन सूत्रों के अनुसार जांच वित्तीय लेनदेन और संपत्ति मामलों से जुड़ी हो सकती है।