Breaking News
  • ICC T20 वर्ल्डकप में सबसे बड़ा उलटफेर, जिम्बाब्वे ने ऑस्ट्रेलिया को 23 रन से हराया
  • उत्तर प्रदेश में 20 हजार पदों पर आउटसोर्स भर्तियां होंगी, 426 करोड़ बजट बढ़ा
  • कुबेरेश्वर में 14 फरवरी से रुद्राक्ष महोत्सव- रुद्राक्ष नहीं बंटेंगे, पहली बार 2.5 किमी का पैदल कॉरिडोर
  • विदिशा में 30 फीट गहरे तालाब में गिरी कार, 3 बारातियों की मौत 7 घायल
  • राजस्थान- शादी समारोह में एसिड पीने से 4 की मौत, मृतकों में तीन महिलाएं भी शामिल
  • प्रधानमंत्री ऑफिस आज सेवा तीर्थ में शिफ्ट होगा, साउथ ब्लॉक में आखिरी कैबिनेट मीटिंग
  • टी-20 वर्ल्ड कप में भारत की सबसे बड़ी जीत:, 47वीं बार 200+ स्कोर बनाया
  • बांग्लादेश चुनाव में BNP की जीत पर PM मोदी ने तारिक रहमान को बधाई दी
  • दिल्ली के कई स्कूलों को बम की धमकी, पुलिस ने जांच शुरू की

होम > देश

कोर्ट ने कहा- आपकी अनुपस्थिति से विधानसभा सत्र में कोई असर नहीं पड़ेगा

कोर्ट ने कहा- आपकी अनुपस्थिति से विधानसभा सत्र में कोई असर नहीं पड़ेगा

कोर्ट ने कहा- आपकी अनुपस्थिति से विधानसभा सत्र में कोई असर नहीं पड़ेगा

Kawasi Lakhma Bail Plea Rejected : रायपुर। शराब घोटाला मामले में जेल में बंद कोंटा विधायक कवासी लखमा के विधानसभा सत्र में शामिल होने के आवेदन पर 20 फरवरी को स्पेशल कोर्ट में सुनवाई हुई। कोर्ट ने लखमा का आवेदन खारिज कर दिया। कोर्ट ने कहा कि विधानसभा सत्र के संचालन में उनकी अनुपस्थिति से कोई विशेष प्रभाव नहीं पड़ेगा। 18 फरवरी को हुई सुनवाई में लखमा ने विधानसभा सत्र में शामिल होने की अनुमति मांगी थी। उन्होंने अपने आवेदन में कहा था कि छत्तीसगढ़ की जनता के कई महत्वपूर्ण मुद्दे हैं, जिन्हें वह विधानसभा में उठाना चाहते हैं।

ईडी के वकील का तर्क

पिछली सुनवाई में लखमा की अर्जी पर आपत्ति जताते हुए ईडी के वकील सौरभ पांडे ने कहा था कि यदि विधानसभा में कोई वोटिंग चल रही है या लखमा को कोई सवाल पूछने या जवाब देने की आवश्यकता हो, तो वह स्थिति अलग होगी। इसके साथ ही ईडी के वकील ने यह भी तर्क रखा कि छत्तीसगढ़ के राज्यपाल की ओर से लखमा को विधानसभा में भाग लेने के लिए कोई पत्र नहीं भेजा गया है, इसलिए उन्हें अनुमति नहीं मिलनी चाहिए।

1 महीने से जेल में हैं कवासी

शराब घोटाले मामले में ईडी ने 15 जनवरी को कवासी लखमा को गिरफ्तार किया था। पहले उनसे दो बार ईडी दफ्तर बुलाकर पूछताछ की गई थी। गिरफ्तारी के बाद लखमा को 7 दिन के कस्टोडियल रिमांड पर लिया गया था और फिर 21 जनवरी से 4 फरवरी तक उन्हें 14 दिन के न्यायिक रिमांड पर भेजा गया। पिछली सुनवाई में जेल में पर्याप्त बल न होने के कारण उनकी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेशी हुई थी। अदालत ने लखमा की रिमांड 18 फरवरी तक बढ़ाई थी और अब 4 मार्च तक की न्यायिक रिमांड बढ़ा दी गई है।

Related to this topic: