नई दिल्ली। संसद के मानसून सत्र के दौरान गुरुवार को राज्यसभा में उस वक्त सियासी तापमान बढ़ गया जब बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा की एक टिप्पणी ने विपक्षी दलों को भड़का दिया। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे पर की गई कथित ‘अपमानजनक’ टिप्पणी को लेकर विपक्ष ने जोरदार हंगामा किया, जिसके बाद नड्डा को न सिर्फ अपने शब्द वापस लेने पड़े बल्कि माफी भी मांगनी पड़ी।
क्या बोले थे जेपी नड्डा?
जेपी नड्डा ने कांग्रेस नेता खरगे पर निशाना साधते हुए कहा,
"आप अपनी पार्टी से इतने जुड़ गए हैं कि देश का विषय गौण हो गया है। इसलिए आप अपनी तकलीफ में मेंटल बैलेंस खोकर..." नड्डा का इतना कहना था कि विपक्षी सांसदों ने जोरदार विरोध जताया। हंगामा बढ़ते देख खुद उपसभापति ने हस्तक्षेप करते हुए ‘मेंटल बैलेंस’ वाले शब्द को कार्यवाही से हटा दिया।
नड्डा ने दी सफाई और मांगी माफी
स्थिति बिगड़ती देख जेपी नड्डा ने कहा,
"मैं अपने शब्द वापस लेता हूं। मानसिक असंतुलन की जगह ‘भावावेश’ कह दीजिए। कृपया उन शब्दों को कार्यवाही से एक्सपंज करें।"
इसके बाद भी जब खरगे अपनी नाराज़गी पर अडिग रहे तो नड्डा ने कहा,
"अगर मेरी बातों से आपकी भावनाओं को ठेस पहुंची है तो मैं माफी मांगता हूं। लेकिन यह भी ध्यान रखें कि आपने भी प्रधानमंत्री के लिए जो भाषा प्रयोग की, वह गरिमा के अनुकूल नहीं थी।"
खरगे ने जताई नाराजगी
मल्लिकार्जुन खरगे ने इसे व्यक्तिगत अपमान बताते हुए कहा कि वे इस मुद्दे को हल्के में नहीं लेंगे। उन्होंने मांग की कि ऐसे शब्दों का प्रयोग न सिर्फ निंदनीय है, बल्कि सदन की गरिमा को भी ठेस पहुंचाता है।