Breaking News
  • सूर्यकुमार की छुट्टी, श्रेयस टी20 के नए कप्तान, वैभव सूर्यवंशी की एंट्री
  • मानसून गोवा तक पहुंचा, MP-छत्तीसगढ़ देर से पहुंचने का अनुमान: केरलम में आज बारिश का रेड अलर्ट
  • गाजियाबाद में दूध व्यापारी की हत्या का आरोपी एनकाउंटर में अरेस्ट, 50 हजार का इनाम था
  • MP में 60Km/घंटा की रफ्तार से आंधी चलने की चेतावनी, गुना-सीहोर समेत 7 जिलों में ऑरेंज अलर्ट
  • ऑपरेशन ब्लू स्टार की बरसी आज: स्वर्ण मंदिर के आसपास भारी पुलिस बल तैनात
  • दिल्ली: पुष्प विहार इलाके में मुठभेड़ के बाद तीन बदमाश गिरफ्तार
  • लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी ने अपनी सरकारी सुरक्षा को वापस किया

होम > देश

Jabalpur Farmer Grows Miyazaki Mangoes

जबलपुर में ‘रेड गोल्ड’ की खेती: 12 जर्मन डॉग करते हैं 2.70 लाख किलो वाले आम की रखवाली

जबलपुर के किसान ने जापान के मियाजाकी आम की खेती कर बनाई पहचान। 2.70 लाख रुपये किलो तक कीमत वाले आमों की रखवाली 12 जर्मन डॉग कर रहे हैं।


जबलपुर में ‘रेड गोल्ड’ की खेती 12 जर्मन डॉग करते हैं 270 लाख किलो वाले आम की रखवाली 

भारत में दुनिया के सबसे महंगे आमों में गिने जाने वाले जापानी मियाजाकी आम की खेती का चलन तेजी से बढ़ रहा है। मध्य प्रदेश के जबलपुर जिले के किसान संकल्प सिंह परिहार ने अपने बगीचे में इस खास किस्म के आम को उगाकर नई पहचान बनाई है। मजबूत संकल्प और प्रयोगधर्मी खेती के दम पर उन्होंने विदेशी फल उत्पादन को स्थानीय स्तर पर सफल बनाकर सबका ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया है।

मियाजाकी आम को जापान के मियाजाकी  शहर के नाम पर जाना जाता है। इसे ‘एग ऑफ सन’ यानी ‘सूर्य का अंडा’ भी कहा जाता है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी कीमत करीब 2 लाख 70 हजार रुपये प्रति किलो तक बताई जाती है। किसान संकल्प सिंह परिहार ने बताया कि शुरुआत में उन्हें इस आम की असली कीमत और लोकप्रियता का अंदाजा नहीं था, लेकिन जैसे-जैसे इसकी चर्चा बढ़ी, इसकी मांग भी बढ़ती गई। उन्होंने इस आम को 50 हजार रुपये प्रति किलो तक बेचा है।

12 जर्मन शेफर्ड करते हैं सुरक्षा

बगीचे की सुरक्षा के लिए किसान ने एक दर्जन जर्मन शेफर्ड कुत्तों को तैनात किया है। इसके अलावा पूरे परिसर में कैमरे लगाए गए हैं, जो 24 घंटे निगरानी करते हैं, ताकि चोरी या नुकसान की कोई घटना न हो सके।

दूर-दूर से पहुंच रहे लोग

संकल्प सिंह परिहार ने बताया कि मियाजाकी आम और विदेशी किस्मों के इस बगीचे को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंच रहे हैं। आम प्रेमियों के साथ-साथ किसान भी यहां आकर नई तकनीक और विदेशी फलों की खेती की जानकारी ले रहे हैं।उनकी यह पहल अब क्षेत्र में आधुनिक और प्रयोगधर्मी खेती का उदाहरण बनती जा रही है।

 

Related to this topic: