Breaking News
  • यूक्रेन पर रूस का खौफनाक हमला, दागी विनाशकारी हाइपरसोनिक 'ओरेश्निक' मिसाइल
  • सीहोर में 1991 पेटियों से 47784 अवैध बीयर केन जब्त: कीमत 62 लाख
  • मौत के 12 दिन बाद भोपाल एक्ट्रेस ट्विशा शर्मा का भदभदा में अंतिम संस्कार
  • बंगाल के फालता में पहली बार BJP को जीत; CPM प्रत्याशी को 1.09 लाख वोटों से हराया
  • चारधाम यात्रा का एक महीना पूरा, 2025 के मुकाबले 10% ज्यादा अब तक 19 लाख श्रद्धालु पहुंचे

होम > देश

Jabalpur Farmer Grows Miyazaki Mangoes

जबलपुर में ‘रेड गोल्ड’ की खेती: 12 जर्मन डॉग करते हैं 2.70 लाख किलो वाले आम की रखवाली

जबलपुर के किसान ने जापान के मियाजाकी आम की खेती कर बनाई पहचान। 2.70 लाख रुपये किलो तक कीमत वाले आमों की रखवाली 12 जर्मन डॉग कर रहे हैं।


जबलपुर में ‘रेड गोल्ड’ की खेती 12 जर्मन डॉग करते हैं 270 लाख किलो वाले आम की रखवाली 

भारत में दुनिया के सबसे महंगे आमों में गिने जाने वाले जापानी मियाजाकी आम की खेती का चलन तेजी से बढ़ रहा है। मध्य प्रदेश के जबलपुर जिले के किसान संकल्प सिंह परिहार ने अपने बगीचे में इस खास किस्म के आम को उगाकर नई पहचान बनाई है। मजबूत संकल्प और प्रयोगधर्मी खेती के दम पर उन्होंने विदेशी फल उत्पादन को स्थानीय स्तर पर सफल बनाकर सबका ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया है।

मियाजाकी आम को जापान के मियाजाकी  शहर के नाम पर जाना जाता है। इसे ‘एग ऑफ सन’ यानी ‘सूर्य का अंडा’ भी कहा जाता है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी कीमत करीब 2 लाख 70 हजार रुपये प्रति किलो तक बताई जाती है। किसान संकल्प सिंह परिहार ने बताया कि शुरुआत में उन्हें इस आम की असली कीमत और लोकप्रियता का अंदाजा नहीं था, लेकिन जैसे-जैसे इसकी चर्चा बढ़ी, इसकी मांग भी बढ़ती गई। उन्होंने इस आम को 50 हजार रुपये प्रति किलो तक बेचा है।

12 जर्मन शेफर्ड करते हैं सुरक्षा

बगीचे की सुरक्षा के लिए किसान ने एक दर्जन जर्मन शेफर्ड कुत्तों को तैनात किया है। इसके अलावा पूरे परिसर में कैमरे लगाए गए हैं, जो 24 घंटे निगरानी करते हैं, ताकि चोरी या नुकसान की कोई घटना न हो सके।

दूर-दूर से पहुंच रहे लोग

संकल्प सिंह परिहार ने बताया कि मियाजाकी आम और विदेशी किस्मों के इस बगीचे को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंच रहे हैं। आम प्रेमियों के साथ-साथ किसान भी यहां आकर नई तकनीक और विदेशी फलों की खेती की जानकारी ले रहे हैं।उनकी यह पहल अब क्षेत्र में आधुनिक और प्रयोगधर्मी खेती का उदाहरण बनती जा रही है।

 

Related to this topic: