दिल्ली से मैनचेस्टर जा रही इंडिगो फ्लाइट 7 घंटे उड़ान के बाद इथियोपिया बॉर्डर से लौट आई। मिडिल ईस्ट जंग के कारण आखिरी समय में एयरस्पेस बंद होने पर पायलट ने सुरक्षा के तहत यू-टर्न लिया।
नई दिल्ली। दिल्ली से यूनाइटेड किंगडम के मैनचेस्टर के लिए रवाना हुई इंडिगो की एक लंबी दूरी की फ्लाइट को बीच रास्ते से वापस लौटना पड़ा। फ्लाइट करीब 7 घंटे तक हवा में रहने के बाद इथियोपिया-इरिट्रिया बॉर्डर के पास से यू-टर्न लेकर दिल्ली लौट आई। एयरलाइन अधिकारियों के मुताबिक, मिडिल ईस्ट में चल रहे सैन्य तनाव के कारण आखिरी समय में कुछ एयरस्पेस बंद कर दिए गए, जिसके बाद पायलट को सुरक्षा कारणों से फ्लाइट वापस लाने का फैसला करना पड़ा।
इथियोपिया बॉर्डर के पास लिया गया यू-टर्न
इंडिगो की फ्लाइट 6E33 सोमवार सुबह दिल्ली से मैनचेस्टर के लिए रवाना हुई थी। सामान्य हालात में यह सफर लगभग 11 घंटे का माना जाता है। लेकिन फ्लाइट ट्रैकिंग सर्विस Flightradar24 के डेटा के अनुसार, विमान ने इथियोपिया और इरिट्रिया की सीमा के पास पहुंचकर अचानक दिशा बदली और वापस भारत की ओर मुड़ गया। करीब सात घंटे उड़ान भरने के बाद यह फैसला लिया गया, जिससे यात्रियों को भी थोड़ी हैरानी हुई। हालांकि एयरलाइन ने साफ किया कि यह फैसला पूरी तरह सुरक्षा को ध्यान में रखकर लिया गया।
मिडिल ईस्ट के संघर्ष की वजह से बदले फ्लाइट रूट
डेटा के मुताबिक, विमान ने पहले ही एक दक्षिणी वैकल्पिक रूट अपनाया था ताकि मिडिल ईस्ट के सक्रिय संघर्ष वाले इलाकों से बचा जा सके। फ्लाइट ने अदन की खाड़ी और अफ्रीका के कुछ हिस्सों के ऊपर से गुजरने वाला रास्ता लिया था। इसके बावजूद बदलते हालात के कारण आगे का एयरस्पेस बंद होने की जानकारी मिली, और तभी यू-टर्न का फैसला लिया गया। एविएशन विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे हालात में एयरलाइंस अक्सर लंबा रूट, देरी या वापसी जैसे विकल्प चुनती हैं।

इंडिगो का बयान: कुछ फ्लाइट्स का रूट बदल सकता है
इंडिगो के प्रवक्ता ने कहा कि मिडिल ईस्ट और उसके आसपास के इलाकों में हालात तेजी से बदल रहे हैं। उनके मुताबिक मौजूदा स्थिति को देखते हुए हमारी कुछ इंटरनेशनल फ्लाइट्स को लंबा रास्ता लेना पड़ सकता है या उनका रूट बदला जा सकता है। एयरलाइन ने यह भी कहा कि वह संबंधित अंतरराष्ट्रीय अधिकारियों के साथ मिलकर स्थिति पर नजर रख रही है और जल्द यह तय किया जाएगा कि यात्रा फिर से कब और कैसे शुरू की जा सकती है।
28 फरवरी के बाद बढ़ा क्षेत्रीय तनाव
मिडिल ईस्ट में हालिया तनाव तब बढ़ा जब 28 फरवरी को अमेरिका और इज़राइल ने ईरान पर संयुक्त हमला किया। रिपोर्ट्स के मुताबिक इस हमले में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत हो गई थी। इसके बाद से क्षेत्र में सैन्य गतिविधियां तेज हो गई हैं। ईरान की ओर से खाड़ी देशों में मौजूद अमेरिकी और इजराइली सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया जा रहा है, वहीं जवाबी कार्रवाई भी जारी है। इसी वजह से कई देशों ने अपने एयरस्पेस को लेकर अस्थायी प्रतिबंध लगाए हैं।