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EU के नए प्रतिबंधों पर भारत का सख्त जवाब “एकतरफा प्रतिबंध नहीं मानते, ऊर्जा सुरक्षा हमारी प्राथ

EU के नए प्रतिबंधों पर भारत का सख्त जवाब “एकतरफा प्रतिबंध नहीं मानते, ऊर्जा सुरक्षा हमारी प्राथमिकता”

भारत ने EU के रूस पर नए प्रतिबंधों को खारिज किया, कहा- हम एकतरफा सैंक्शन नहीं मानते, ऊर्जा सुरक्षा जरूरी

eu के नए प्रतिबंधों पर भारत का सख्त जवाब “एकतरफा प्रतिबंध नहीं मानते ऊर्जा सुरक्षा हमारी प्राथमिकता”

India vs EU: यूरोपीय संघ (EU) ने रूस पर 18वीं बार नए प्रतिबंध लगाए है और इस बार उन देशों को भी चेतावनी दी है जो रूस के साथ ऊर्जा व्यापार कर रहे है। इसका सीधा असर भारत पर पड़ सकता है। लेकिन भारत ने इन प्रतिबंधों को साफ तौर पर खारिज कर दिया है।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत किसी भी एकतरफा प्रतिबंध को नहीं मानता। हम एक जिम्मेदार देश है और अपने कानूनी दायित्वों को निभाते है, लेकिन हमारी सबसे बड़ी प्राथमिकता अपनी ऊर्जा सुरक्षा है। उन्होंने कहा कि खासकर ऊर्जा व्यापार में दोहरा मापदंड नहीं होना चाहिए।

भारत लंबे समय से रूस से कच्चा तेल, कोयला और गैस जैसे ऊर्जा स्रोतों का आयात करता है। अप्रैल 2024 में भारत और रूस के बीच 10 साल की एक लंबी डील भी हुई थी, जिसमें चाबहार पोर्ट और रेलवे प्रोजेक्ट भी शामिल है। EU ने जो नए प्रतिबंध लगाए है, उनमें रूस की आमदनी, बैंकिंग, सैन्य क्षेत्र और अपराधों पर असर डालने की कोशिश की गई है।

रूस ने भी EU के इन नए प्रतिबंधों को अवैध बताया और कहा कि वह इनका डटकर मुकाबला करेगा। भारत का साफ कहना है कि वह सिर्फ संयुक्त राष्ट्र द्वारा लगाए गए प्रतिबंधों को ही मानता है और रणनीतिक मामलों में अपनी स्वतंत्र नीति पर कायम रहेगा।

भारत ने फिर साबित किया है कि वह किसी के दबाव में नहीं आता और अपने फैसले खुद लेता है। ऊर्जा जैसे जरूरी मुद्दे पर भारत का रुख साफ और मजबूत है।