पहलगाम हमले की जवाबी कार्यवाही में भारत ने पाकिस्तान के कई इलाकों को किया टारगेट, जिसमें बहावलपुर, सियालकोट, कोटली, बाघ और मुजफ्फराबाद जैसे कई इलाकें शामिल
22 अप्रैल को कश्मीर के पहलगाम में हुए हमले ने पूरे देश को स्तब्ध कर दिया था। पहलगाम हमले की जवाबी कार्यवाही में भारत ने पाकिस्तान के कई इलाकों को टारगेट किया है। जिसमें बहावलपुर, सियालकोट, कोटली और मुजफ्फराबाद जैसे कई इलाकें शामिल हैं। तो आइए समझते है कि क्यों भारतीय सेना ने इन्हीं जगह पर हमला किया?

26/11 हमले के बाद पहली बार भारत में पाकिस्तान ने ऐसी आतंकी घटना को अंजाम दिया जिसमें कई आम भारतीय नागरिकों को अपनी जान गवानी पड़ी। ऐसे में भारत सरकार ने ऑपरेशन सिंदूर के तहत उन सभी लोगों को इंसाफ दिलाया है।
ऑपरेशन सिंदूर में भारतीय सेना ने पाकिस्तान के कुल नौ अंताकी ठिकानो को टारगेट किया है। जानकारी के लिए बता दे कि ये इन नौ ठिकानो पर पाकिस्तान ने आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने वाले क्रूर आतंकवादियों को लंबे समय से पनाह दी थी। जिसकी वजह से इन ठिकानों को टारगेट किया गया।
पहलगाम हमले के शिकार हुए आम नागरिकों को इंसाफ दिलाने के लिए भारत ने जिन ठिकानों को ध्वस्त किया उनमें बहावलपुर, मुरीदके, चक अमरू, सियालकोट, भीमबेर, गुलपुर, कोटली, बाघ और मुजफ्फराबाद भी शामिल हैं।
जानिए क्यों इन्हीं नौ ठिकानो को बनाया गया निशाना
पाकिस्तान के दक्षिण पंजाब में स्थित बहावलपुर, ऑपरेशन सिंदूर का एक अहम निशाना था। बहावलपुर में आतंकी संगठन जैश ए मौहम्मद का ठिकाना है। जानकारी के लिए बता दे कि भारत में हुए कई हमलों के पीछे इसी आतंकी संगठन का हाथ रहा है।
बहावलपुर के बाद लाहौर से लगभग 40 किमी. की दूरी पर मौजूद मुरीदके को भरात ने निशाना बनाया। यहाँ पर भी तकरीबन 200 एकड़ में आतंकी संगठन लश्कर ए तैयबा का मुख्यालय और ट्रेंनिग सेंटर मौजूद है।
कोटली पाकिस्तान के कश्मीर में मौजूद है, जहां पर सुसाइड बॉम्बर और कई दहशतगर्दो को तैयार किया जाता है। मीडिया रिपोर्टस की माने तो यहां पर एक बार में 50 से ज्यादा आतंकियों को प्रशिक्षण दिया जाता है। इसके अलावा जम्मू कश्मीर में आतंक फैलाने वाले आतंकियों का लॉन्चपैड गुलपुर को भी सेना ने निशाना बनाया।
जैश-ए-मोहम्मद का अहम लॉन्चपैड पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में के सवाई इलाके में मौजूद था, जहां पर साल 2024 में हुए गांदरबल, गुलमर्ग और अब पहलगाम के आतंकी हमले की योजना बनाई गई थी।
इसके साथ ही सियालकोट के पास स्थिक मेहमूना कैंप, अंतरराष्ट्रीय सीमा पर मौजूद सरजाल और बरनाला कैंप कश्मीर में आतंकी घुसपैठ के लॉन्चपैड माने जाते है। जिन्हें सेना ने नष्ट कर दिया है।