मिडिल ईस्ट जंग के बीच राहत की खबर। एलपीजी लेकर आ रहे भारत के दो जहाज सुरक्षित रूप से होर्मुज स्ट्रेट पार कर भारत की ओर बढ़ गए हैं। अगले 2-3 दिनों में मुंद्रा और कांडला बंदरगाह पहुंचने की संभावना है।
पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव के बीच भारत के लिए एक राहत भरी खबर सामने आई है। खाड़ी देशों से एलपीजी लेकर आ रहे दो भारतीय जहाज सुरक्षित रूप से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पार कर चुके हैं और अब भारत के पश्चिमी तट की ओर बढ़ रहे हैं। अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच जारी संघर्ष के कारण यह समुद्री मार्ग कई दिनों से तनाव में था, ऐसे में इन जहाजों का सुरक्षित निकलना काफी अहम माना जा रहा है।
भारतीय जहाजों को ईरान ने दी थी अनुमति
शिपिंग जलमार्ग मंत्रालय के विशेष सचिव राजेश कुमार सिन्हा के मुताबिक भारतीय ध्वज वाले LPG कैरियर शिवालिक और नंदा देवी करियर ने शनिवार को होर्मुज स्ट्रेट को पार कर लिया। दोनों जहाजों में कुल करीब 92,700 टन एलपीजी लदी हुई है। सूत्रों के अनुसार, इन जहाजों को एक दिन पहले ईरान ने इस समुद्री मार्ग से गुजरने की अनुमति दी थी। इसके बाद दोनों जहाज सुरक्षित रूप से आगे बढ़ सके।
2–3 दिन में भारत पहुंचने की उम्मीद
अधिकारियों के मुताबिक ये दोनों जहाज अब अरेबियन समुद्र से होते हुए भारत के पश्चिमी तट की ओर बढ़ रहे हैं। इनका गंतव्य मुंद्रा और कांडला पोर्ट बताया गया है, जहां अगले 2 से 3 दिनों में इनके पहुंचने की संभावना जताई जा रही है। अगर सब कुछ सामान्य रहा तो इन जहाजों से आने वाली एलपीजी घरेलू सप्लाई में राहत दे सकती है।
जंग के कारण 24 जहाज फंस गए थे
मिडिल-ईस्ट में युद्ध शुरू होने के बाद होर्मुज स्ट्रेट के पश्चिमी हिस्से में कई जहाज फंस गए थे। अधिकारियों के मुताबिक इन दोनों जहाजों समेत कुल 24 भारतीय जहाज वहां फंसे हुए थे। अब दो जहाज आगे निकल चुके हैं, जबकि 22 भारतीय ध्वज वाले जहाज अभी भी फारस की खाड़ी में मौजूद हैं। इन जहाजों पर करीब 611 भारतीय नाविक सवार हैं।
भारतीय नाविक सुरक्षित, सरकार की नजर
सरकारी अधिकारियों ने बताया कि खाड़ी क्षेत्र में मौजूद सभी भारतीय नाविक फिलहाल सुरक्षित हैं और पिछले 24 घंटों में किसी तरह की अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली है। इससे पहले भारत में ईरान के राजदूत मोहम्मद फतहाली ने कहा था कि ईरान ने कई भारतीय जहाजों को इस जलमार्ग से गुजरने की अनुमति दी है। हालांकि कुल कितने जहाजों को मंजूरी मिली, इसका स्पष्ट आंकड़ा उन्होंने नहीं बताया।
सरकार ने लोगों से की अपील
इस बीच केंद्र सरकार ने नागरिकों से अपील की है कि वे एलपीजी, पेट्रोल या डीजल की घबराहट में ज्यादा खरीदारी न करें। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने कहा कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। उन्होंने यह भी बताया कि विचार-विमर्श के बाद वाणिज्यिक सिलेंडरों के लिए भी एलपीजी की एक तय मात्रा आवंटित करने का फैसला लिया गया है, ताकि आपूर्ति संतुलित बनी रहे।