भारत ने 5 साल बाद चीनी नागरिकों के लिए पर्यटक वीजा फिर शुरू करने की तैयारी की। गलवान विवाद के बाद बंद सेवाएं अब बहाल, जानिए क्या बदलेगा। swadesh news
नई दिल्ली। भारत सरकार ने करीब पांच साल बाद चीनी नागरिकों के लिए पर्यटक वीजा फिर से शुरू करने की तैयारी शुरू कर दी है। यह कदम भारत-चीन संबंधों में धीरे-धीरे आ रही सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। गौरतलब है कि गलवान घाटी झड़प के बाद सुरक्षा कारणों से चीन से आने वाले पर्यटकों के वीजा पर रोक लगा दी गई थी।
संबंधों में नरमी के संकेत
हाल के महीनों में भारत और चीन के बीच रिश्तों में कुछ सकारात्मक संकेत देखने को मिले हैं। दोनों देशों ने सीधी उड़ानों को फिर से शुरू करने पर सहमति जताई है। इसके अलावा, लंबे समय से स्थगित कैलाश मानसरोवर यात्रा को भी दोबारा शुरू किया जा चुका है, जिसे दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक और धार्मिक जुड़ाव का अहम प्रतीक माना जाता है।
किन यात्रियों पर लागू होंगे नए नियम
सूत्रों के अनुसार, यह वीजा सुविधा मुख्यभूमि चीन के अलावा हांगकांग और मकाऊ से आने वाले यात्रियों पर भी लागू होगी। हालांकि, सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए वीजा प्रक्रिया में कुछ अतिरिक्त जांच और शर्तें बरकरार रह सकती हैं।
पर्यटन और व्यापार को मिलेगा बढ़ावा
विशेषज्ञों का मानना है कि इस फैसले से दोनों देशों के बीच पर्यटन, व्यापार और लोगों के बीच संपर्क में तेजी आएगी। कोविड काल और सीमा तनाव के कारण इन क्षेत्रों में काफी गिरावट आई थी। व्यापारिक संगठनों ने इस कदम का स्वागत करते हुए कहा है कि इससे कारोबारी यात्राओं और निवेश के अवसरों में भी वृद्धि हो सकती है।
सावधानी के साथ आगे बढ़ने की रणनीति
हालांकि, भारत सरकार इस फैसले को संतुलित तरीके से लागू करने के पक्ष में है। सुरक्षा एजेंसियों की सिफारिशों के आधार पर वीजा प्रक्रिया को चरणबद्ध तरीके से बहाल किया जाएगा। विशेषज्ञों के अनुसार, यह कदम भारत की “सुरक्षा के साथ सहयोग” की नीति को दर्शाता है, जिसमें राष्ट्रीय हितों को प्राथमिकता देते हुए अंतरराष्ट्रीय संबंधों को आगे बढ़ाया जाता है।