SIPRI की रिपोर्ट के मुताबिक भारत के परमाणु हथियारों की संख्या बढ़कर 190 हो गई है। पहली बार 12 परमाणु हथियारों की तैनाती का भी दावा किया गया है।
नई दिल्ली। भारत के परमाणु हथियारों के जखीरे को लेकर आई एक नई अंतरराष्ट्रीय रिपोर्ट ने दुनिया का ध्यान खींचा है। स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट (SIPRI) की वर्ष 2026 की रिपोर्ट के अनुसार भारत के परमाणु हथियारों की अनुमानित संख्या बढ़कर 190 हो गई है। पिछले आकलन में यह संख्या 180 बताई गई थी। रिपोर्ट में पहली बार यह भी दावा किया गया है कि भारत ने 12 परमाणु हथियार परिचालन स्तर पर तैनात किए हैं।
पाकिस्तान से आगे निकला भारत
रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तान के पास अनुमानित 170 परमाणु हथियार हैं और पिछले एक वर्ष में उसकी संख्या में कोई बदलाव नहीं हुआ है। इस तरह भारत का परमाणु भंडार पाकिस्तान से 20 हथियार अधिक बताया गया है। हालांकि पाकिस्तान के कितने हथियार सक्रिय तैनाती में हैं, इस बारे में रिपोर्ट में स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई है।
पहली बार तैनाती का आकलन
SIPRI ने अपने नवीनतम आकलन में कहा है कि भारत के 12 परमाणु हथियार अब परिचालन बलों के साथ तैनात हो सकते हैं। इससे पहले भारत के बारे में ऐसी कोई तैनाती दर्ज नहीं की गई थी। रिपोर्ट का संकेत है कि भारत की समुद्र आधारित प्रतिरोधक क्षमता और लंबी दूरी की रणनीतिक तैयारियों पर अधिक ध्यान दिया जा रहा है। हालांकि भारत सरकार अपनी परमाणु क्षमता से जुड़ी सटीक जानकारी सार्वजनिक नहीं करती। ऐसे में SIPRI और अन्य वैश्विक संस्थाएं उपलब्ध सूचनाओं और विश्लेषण के आधार पर अनुमान जारी करती हैं।
दुनिया में बढ़ रही परमाणु प्रतिस्पर्धा
SIPRI इयरबुक 2026 के अनुसार दुनिया एक नए परमाणु प्रतिस्पर्धा के दौर में प्रवेश कर रही है। अमेरिका, रूस, चीन, भारत, पाकिस्तान समेत सभी परमाणु संपन्न देश अपने हथियारों और डिलीवरी सिस्टम को आधुनिक बनाने में जुटे हैं। रिपोर्ट में चेतावनी दी गई है कि वैश्विक तनाव और हथियारों के आधुनिकीकरण से परमाणु जोखिम भी बढ़ रहे हैं।
दुनिया में कितने परमाणु हथियार हैं
रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2026 की शुरुआत में दुनिया के 9 परमाणु संपन्न देशों के पास कुल 12,187 परमाणु हथियार मौजूद थे। इनमें से करीब 9,745 हथियार सैन्य भंडार में रखे गए हैं और जरूरत पड़ने पर इस्तेमाल किए जा सकते हैं। लगभग 4,012 हथियार मिसाइलों और विमानों के साथ तैनात स्थिति में बताए गए हैं। रिपोर्ट यह भी बताती है कि चीन और भारत जैसे देश अब सीमित संख्या में परमाणु हथियारों को शांति काल में भी तैनात रखने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं, जिससे एशिया में सामरिक संतुलन को लेकर नई बहस शुरू हो सकती है।