ईरान ने भारत को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से दो LPG टैंकर गुजरने की अनुमति दी। युद्ध के बीच गैस संकट की आशंका के बीच भारत को बड़ी राहत मिली।
नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच भारत के लिए राहत भरी खबर आई है। ईरान ने भारत को LPG से भरे दो टैंकर अपने अहम समुद्री मार्ग स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरने की अनुमति दे दी है। हाल के दिनों में युद्ध और सप्लाई बाधित होने की आशंका के कारण भारत में रसोई गैस को लेकर चिंता बढ़ गई थी। ऐसे में यह फैसला भारत के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है।
भारत के लिए सुरक्षित रास्ते के संकेत
भारत में ईरान के राजदूत मोहम्मद फतहाली ने शुक्रवार को संकेत दिया था कि भारत को इस अहम समुद्री मार्ग से तेल और गैस की आवाजाही के लिए सुरक्षित रास्ता दिया जा सकता है। पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा था कि भारत ईरान का पुराना दोस्त है, इसलिए भारतीय जहाजों के लिए सकारात्मक फैसला जल्द सामने आ सकता है। अब खबर आई है कि ईरान ने दो LPG टैंकरों को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरने की अनुमति दे दी है।
युद्ध के बाद बढ़ी थी चिंता
पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ने के बाद आशंका जताई जा रही थी कि Iran इस समुद्री मार्ग को बंद कर सकता है। अगर ऐसा होता तो भारत सहित कई देशों की ऊर्जा आपूर्ति प्रभावित हो सकती थी, क्योंकि दुनिया का बड़ा हिस्सा तेल और गैस इसी रास्ते से गुजरता है।
कई राज्यों में LPG के लिए लगी कतारें
शुक्रवार को देश के कई हिस्सों में रसोई गैस को लेकर अफरा-तफरी का माहौल देखने को मिला। कई जगहों पर लोग LPG सिलेंडर के लिए लंबी कतारों में खड़े नजर आए। कुछ शहरों में तो खाने-पीने की दुकानें भी अस्थायी रूप से बंद हो गईं, वहीं जमाखोरी की खबरें भी सामने आने लगीं।
सरकार ने कहा: घबराने की जरूरत नहीं
केंद्र सरकार ने स्थिति को लेकर लोगों से घबराने से बचने की अपील की है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने कहा कि देश में घरेलू LPG की सप्लाई पूरी तरह सामान्य है। उनके मुताबिक 5 मार्च से अब तक घरेलू LPG उत्पादन करीब 30 प्रतिशत बढ़ाया जा चुका है।
उन्होंने बताया कि पहले जहां रोज औसतन 55.7 लाख LPG बुकिंग होती थीं, वहीं अब यह संख्या बढ़कर 75.7 लाख तक पहुंच गई है, जो इस बात का संकेत है कि लोग घबराहट में ज्यादा बुकिंग कर रहे हैं।
बिहार में भी दिखी भीड़
हालांकि प्रशासन के दावों के बावजूद बिहार के कई जिलों में LPG वितरण केंद्रों के बाहर लंबी कतारें देखी गईं। जिला प्रशासन लगातार कह रहा है कि गैस की कोई कमी नहीं है, लेकिन लोगों की चिंता फिलहाल कम होती नहीं दिख रही।