भारत सरकार ने पहली राष्ट्रीय आतंकवाद-रोधी नीति ‘प्रहार’ जारी की है, जो रोकथाम, त्वरित प्रतिक्रिया, मानवाधिकारों और बहु-एजेंसी समन्वय पर केंद्रित है।
नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने देश की पहली समग्र राष्ट्रीय आतंकवाद-रोधी नीति और रणनीति ‘प्रहार’ जारी कर दी है। केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा जारी यह व्यापक दस्तावेज आतंकवाद के खिलाफ भारत की रणनीतिक सोच को औपचारिक रूप देता है। इसका उद्देश्य केवल आतंकी हमलों पर त्वरित प्रतिक्रिया देना नहीं, बल्कि रोकथाम, समन्वय और दीर्घकालिक सुरक्षा ढांचा तैयार करना है।
यह नीति ऐसे समय आई है, जब हाल ही में जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले के चटरू क्षेत्र में सुरक्षा बलों ने संयुक्त अभियान चलाकर आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के दो शीर्ष कमांडरों को मार गिराया। इस अभियान को भारतीय सेना और जम्मू-कश्मीर पुलिस की बड़ी सफलता माना गया। सरकार का मानना है कि ‘प्रहार’ जैसी रणनीति इन अभियानों को संस्थागत मजबूती देगी।
बहु-आयामी और समन्वित दृष्टिकोण
‘प्रहार’ को केवल सुरक्षा कार्रवाई तक सीमित नहीं रखा गया है। यह एक समन्वित, बहु-आयामी और कानून-आधारित ढांचा प्रस्तुत करती है। दस्तावेज में स्पष्ट किया गया है कि किसी भी आतंकी खतरे के जवाब में “त्वरित, सटीक और खतरे के अनुरूप संतुलित कार्रवाई” की जाएगी। इसके लिए खुफिया एजेंसियों, केंद्रीय सुरक्षा बलों, राज्य पुलिस और अन्य संबंधित विभागों के बीच रियल-टाइम सूचना साझाकरण और बेहतर तालमेल सुनिश्चित किया जाएगा। गृह मंत्रालय के अनुसार अब फोकस ‘हमले के बाद प्रतिक्रिया’ के बजाय ‘हमले से पहले रोकथाम’ पर रहेगा। तकनीकी निगरानी, डेटा इंटीग्रेशन, साइबर इंटेलिजेंस और आधुनिक संसाधनों के उपयोग को प्राथमिकता दी गई है।
PRAHAAR का मतलब
P – Prevention (प्रिवेंशन) भारतीय नागरिकों और हितों की रक्षा के लिए आतंकी हमलों की रोकथाम।
R – Response (रिस्पॉन्स) तेज और खतरे के अनुरूप प्रतिक्रियात्मक कार्रवाई।
A – Alignment (अलाइनिंग) आंतरिक क्षमताओं का एकीकरण और समन्वय।
H – Human Rights (ह्यूमन राइट्स) मानवाधिकारों और ‘कानून के शासन’ पर आधारित कार्रवाई।
A – Addressing Root Causes (एड्रेसिंग) कट्टरपंथ और आतंकवाद को बढ़ावा देने वाली परिस्थितियों को कम करना।
R – Recovery (रिकवरी) समाज के दृष्टिकोण से पुनर्निर्माण और लचीलापन बढ़ाना।