Champions Trophy 2025 Final : भारत ने न्यूजीलैंड को 4 विकेट से हराकर चैंपियंस ट्रॉफी 2025 का खिताब अपने नाम कर लिया। टीम इंडिया ने 12 साल बाद इस ट्रॉफी पर दोबारा कब्जा जमाया और दुबई में तिरंगा लहराते हुए लगातार दूसरे साल कोई ICC ट्रॉफी जीती। इससे पहले भारत ने 2024 में टी20 वर्ल्ड कप का खिताब हासिल किया था। इस जीत में रोहित शर्मा की 76 रनों की पारी, श्रेयस अय्यर के 48 रन और अंतिम ओवरों में हार्दिक पांड्या की 18 रन की तेजतर्रार पारी ने अहम भूमिका निभाई।
भारत ने तीसरी बार रचा इतिहास
भारत ने तीसरी बार चैंपियंस ट्रॉफी का खिताब जीतकर इतिहास रच दिया है। अब वह इस ट्रॉफी को सबसे ज्यादा बार जीतने वाला देश बन गया है। ऑस्ट्रेलिया ने भी 2 बार यह खिताब जीता है, लेकिन भारत ने 2002 में श्रीलंका के साथ ट्रॉफी साझा करने के बाद, 2013 में एमएस धोनी की कप्तानी में इसे अपने नाम किया था। अब 2025 में न्यूजीलैंड को 5 विकेट से हराकर टीम इंडिया ने एक बार फिर चैंपियनों का चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया।
टीम इंडिया का शानदार प्रदर्शन, सभी खिलाड़ियों ने दिखाया दम
चैंपियंस ट्रॉफी 2025 के फाइनल में न्यूजीलैंड ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 251 रन बनाए। कीवी टीम के लिए डेरिल मिचेल ने सबसे ज्यादा 63 रन बनाए, जबकि माइकल ब्रेसवेल ने 40 गेंदों पर 53 रनों की आक्रामक पारी खेली। खास तौर पर आखिरी 10 ओवरों में न्यूजीलैंड ने 79 रन बटोरकर भारत को मुश्किल में डाल दिया था।
252 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी टीम इंडिया को रोहित शर्मा और शुभमन गिल ने बेहतरीन शुरुआत दिलाई। दोनों के बीच 105 रनों की साझेदारी हुई, जिसमें गिल ने 31 रन और रोहित शर्मा ने 76 रनों की शानदार पारी खेली। हालांकि, गिल और विराट कोहली के जल्दी आउट होने से टीम दबाव में आ गई थी। ऐसे में श्रेयस अय्यर ने 48 रन बनाकर स्थिति संभाली। अंतिम ओवरों में हार्दिक पांड्या की 18 रनों की छोटी लेकिन अहम पारी और केएल राहुल के 34 रनों के योगदान ने भारत को जीत की दहलीज तक पहुंचा दिया।
25 साल बाद हिसाब चुकता
भारत ने चैंपियंस ट्रॉफी 2025 की जीत के साथ ही न्यूजीलैंड से 25 साल पुराना बदला चुकता कर लिया। साल 2000 में हुए फाइनल में न्यूजीलैंड ने भारत को हराकर खिताब जीता था, जहां सौरव गांगुली की 117 रनों की शतकीय पारी भी काम नहीं आई थी। वहीं क्रिस केर्न्स की नाबाद 102 रन की पारी ने भारत से जीत छीन ली थी। इस बार दुबई में भले ही कोई शतक नहीं लगा, लेकिन रवींद्र जडेजा के विनिंग चौके ने भारत को ऐतिहासिक जीत दिला दी।