भारतीय वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने कहा है कि ऑपरेशन सिंदूर ने साबित किया कि भारतीय वायुसेना की पहुंच से कोई लक्ष्य बाहर नहीं है, उन्होंने बताया कि इस अभियान के दौरान पश्चिमी मोर्चे पर 1,200 किलोमीटर चौड़े मोर्चे और 200 किलोमीटर की गहराई तक सटीक हमले किए गए ।
पीटीआई को दिए इंटरव्यू में वायुसेना प्रमुख ने कहा कि देश की सुरक्षा में एयर पावर की अहम भूमिका है। साथ ही उन्होंने बदलती परिस्थितियों में दुश्मन की रणनीति के अनुसार तेजी से खुद को ढालने और सैन्य कार्रवाई के कई विकल्प तैयार रखने पर जोर दिया।
ऑपरेशन सिंदूर से क्या सबक मिला?
एपी सिंह के मुताबिक किसी एक हथियार या प्लेटफॉर्म पर निर्भर रहने के बजाय अलग-अलग क्षमताओं का इस्तेमाल करना जरूरी है । उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर में स्वदेशी हथियारों ने भी अच्छा प्रदर्शन किया।
उनके अनुसार सटीक खुफिया जानकारी, बेहतर तालमेल, इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर और एयर डिफेंस जैसी क्षमताओं ने अभियान में अहम भूमिका निभाई। बदलती सैन्य चुनौतियों के बीच वायुसेना को अपनी क्षमताएं लगातार बढ़ानी होंगी।
पहलगाम हमले के बाद शुरू हुआ था अभियान
22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले में 26 लोगों की मौत हुई थी। इसके जवाब में भारत ने 7 मई 2025 को ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया, भारतीय सशस्त्र बलों ने पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर में आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया था ।