असम में हिमंता बिस्वा सरमा ने लगातार दूसरी बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। पीएम मोदी, अमित शाह समेत कई बड़े नेता समारोह में मौजूद रहे।
हिमंता सरमा लगातार दूसरी बार असम के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेकर राज्य की राजनीति में नया इतिहास रच दिया। गुवाहाटी के खानापारा वेटरनरी कॉलेज ग्राउंड में आयोजित भव्य समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह समेत कई केंद्रीय मंत्री और NDA शासित राज्यों के मुख्यमंत्री मौजूद रहे।

हिमंता बिस्वा सरमा के साथ रामेश्वर तेली, अतुल बोरा, चरण बोरो और अजंता नेओग ने भी मंत्री पद की शपथ ली। समारोह में बड़ी संख्या में समर्थक और भाजपा कार्यकर्ता पहुंचे। भाजपा ने इसे असम में विकास और स्थिरता की जीत बताया।
रामेश्वर तेली और अतुल बोरा समेत 4 नेताओं ने ली मंत्री पद की शपथ
मुख्यमंत्री के साथ जिन नेताओं ने मंत्री पद की शपथ ली उनमें चायबागान समुदाय से आने वाले रामेश्वर तेली भी शामिल रहे। इसके अलावा AGP नेता अतुल बोरा, BPF नेता चंदन और अजंता ने भी मंत्री पद की जिम्मेदारी संभाली।हिमंता ने शपथ लेने के बाद मंच पर प्रधानमंत्री मोदी से हाथ मिलाया। कार्यक्रम के दौरान पूरे मैदान में ‘भारत माता की जय’ और ‘मोदी-मोदी’ के नारे गूंजते रहे।
NDA की लगातार तीसरी सरकार, भाजपा का दमदार प्रदर्शन
असम विधानसभा चुनाव में भाजपा और उसके सहयोगियों ने शानदार जीत दर्ज की। 126 सदस्यीय विधानसभा में NDA गठबंधन ने 102 सीटें जीतकर सत्ता बरकरार रखी। भाजपा अकेले 82 सीटें जीतने में सफल रही।राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक असम में भाजपा का स्ट्राइक रेट 92 प्रतिशत से ज्यादा रहा, जो राज्य की राजनीति में बड़ा रिकॉर्ड माना जा रहा है। खास बात यह भी रही कि मौजूदा भाजपा सरकार का कोई भी मंत्री चुनाव नहीं हारा।
शपथ समारोह में जुटे कई बड़े नेता
समारोह में यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फणनवीस, हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सेनी और अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री समेत कई नेता मौजूद रहे।केंद्रीय मंत्री नितिन गणकरी ने कहा कि असम के विकास के लिए करीब 2 लाख करोड़ रुपए की परियोजनाएं पाइपलाइन में हैं। वहीं केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने इसे ‘ऐतिहासिक क्षण’ बताया।
पूर्वोत्तर में भाजपा का सबसे मजबूत चेहरा बने हिमंता
पूर्वोत्तर भारत में भाजपा और NDA की मजबूती के पीछे हिमंता बिस्वा सरमा को बड़ा रणनीतिकार माना जाता है। कांग्रेस छोड़कर भाजपा में आने के बाद उन्होंने NEDA के जरिए क्षेत्रीय दलों को साथ लाने में अहम भूमिका निभाई।राजनीतिक जानकारों का मानना है कि बांग्लादेशी घुसपैठ, असमिया पहचान और विकास के मुद्दों पर हिमंता ने मजबूत राजनीतिक पकड़ बनाई। यही वजह रही कि भाजपा लगातार तीसरी बार राज्य में सरकार बनाने में सफल रही।
भाजपा की जीत के पीछे रहे ये बड़े फैक्टर
राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक परिसीमन के बाद बदले समीकरण, हिंदू वोटों का ध्रुवीकरण, कांग्रेस और AIUDF के अलग-अलग चुनाव लड़ना और हिमंता की आक्रामक चुनावी रणनीति भाजपा की जीत के प्रमुख कारण रहे।इसके अलावा भाजपा ने अपर असम और बराक वैली में शानदार प्रदर्शन किया। वहीं बोडोलैंड और ट्राइबल क्षेत्रों में NDA सहयोगियों को भी मजबूत समर्थन मिला। कांग्रेस इस बार मुख्य रूप से लोअर असम तक सीमित दिखाई दी।