अरुणेश झा, भिवानी। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि पदक कुछ क्षणों में खिलाड़ी के गले में डलता है, लेकिन उसे हासिल करने के लिए खिलाड़ी अपना जीवन लगा देता है। शुक्रवार को भिवानी के भीम स्टेडियम में एशियाई और पैरा एशियाई खेलों के पदक विजेताओं के सम्मान समारोह में उन्होंने 132 खिलाड़ियों को कुल 189 करोड़ 38 लाख रुपये के नकद पुरस्कार दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन पदकों के पीछे वर्षों का अभ्यास, अनगिनत त्याग और हार के बाद फिर उठ खड़े होने का हौसला है।
142 करोड़ की परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास
समारोह से पहले मुख्यमंत्री ने भिवानी के विकास के लिए 142 करोड़ रुपये की लागत की 8 परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। इनमें 133 करोड़ 66 लाख रुपये की लागत के 6 उद्घाटन और 8 करोड़ 46 लाख रुपये की लागत के 2 शिलान्यास शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि 50 करोड़ रुपये की लागत से भिवानी का भीम स्टेडियम आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित किया जाएगा।
एशियाई खेलों में हरियाणा के खिलाड़ियों का दबदबा
सैनी ने बताया कि एशियाई खेलों में भारत ने 85 पदक जीतकर चौथा स्थान पाया, जिसमें हरियाणा के खिलाड़ियों के 32 पदक रहे और इनमें 14 स्वर्ण शामिल हैं। यानी भारत के हर तीन स्वर्ण में से दो हरियाणा के खिलाड़ियों ने जीते। पैरा एशियाई खेलों में भारत ने 114 पदक जीतकर अपना अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया। हरियाणा के पैरा खिलाड़ियों ने 9 स्वर्ण सहित 31 पदक जीते, यानी देश के करीब 30 प्रतिशत स्वर्ण पदक उनके नाम रहे।
उन्होंने कहा कि मुक्केबाजी में अंकुश पंघाल और परवीन हुड्डा ने स्वर्ण जीते। पुरुष और महिला हॉकी टीमों ने स्वर्ण जीतकर लॉस एंजेलिस ओलंपिक 2028 का टिकट पक्का किया। कुश्ती में भारत का प्रदर्शन 1962 के बाद एशियाई खेलों में सबसे बेहतरीन रहा। पैरा खेलों में सुमित अंतिल और प्रणव सूरमा की जीत ने पूरे देश को रोमांचित किया।
मिनी क्यूबा भिवानी ने दी भारतीय मुक्केबाजी को पहचान
मुख्यमंत्री ने कहा कि मिनी क्यूबा कहलाने वाले भिवानी ने भारतीय मुक्केबाजी को पहचान दी है। विजेंद्र सिंह, अखिल कुमार, जितेंद्र कुमार, नीतू घणघस, जैस्मिन लम्बोरिया, प्रीति पंवार, साक्षी चौधरी और प्रिया घणघस जैसे मुक्केबाजों ने दुनिया में भिवानी का नाम रोशन किया। उन्होंने उन परिवारों का भी जिक्र किया, जिन्होंने खेतों में पसीना बहाते हुए भी बच्चों के सपनों को पंख दिए।
नौकरी, मानदेय और नर्सरी, खिलाड़ियों के लिए सरकार की सुविधाएं
मुख्यमंत्री ने बताया कि पात्र खिलाड़ियों को खेल नीति के तहत सरकारी नौकरियों के ऑफर लेटर भी दिए जा रहे हैं। उत्कृष्ट खिलाड़ी भर्ती नियमों के तहत अब तक 260 खिलाड़ियों को ग्रुप ए, बी और सी की नौकरियां मिली हैं। खेल ग्रेडेशन नीति में संशोधन हुआ है, जिससे हरियाणा स्टेट गेम्स में भाग लेने वाले खिलाड़ियों को भी इसका लाभ मिलेगा। अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं की तैयारी के लिए खिलाड़ियों को अग्रिम राशि देने का प्रावधान भी किया गया है।
खेल रत्न, द्रोणाचार्य, अर्जुन, ध्यानचंद और तेनजिंग नोर्गे पुरस्कार विजेताओं को अब हर महीने 20 हजार रुपये और भीम अवार्ड विजेताओं को 5 हजार रुपये मानदेय मिल रहा है। आज के पुरस्कारों को मिलाकर अब तक 17 हजार 676 खिलाड़ियों को कुल 931 करोड़ रुपये की नकद पुरस्कार राशि दी जा चुकी है।
प्रतिभा को समय रहते तराशने के लिए प्रदेश में 2 हजार खेल नर्सरियां बनाई गई हैं। इनमें 8 से 14 साल के खिलाड़ियों को 1500 रुपये और 15 से 19 साल के खिलाड़ियों को 2000 रुपये मासिक छात्रवृत्ति मिलती है। 25 आवासीय खेल अकादमियों में खिलाड़ियों को रोज 500 रुपये डाइट मनी दी जा रही है।
खेलों के बुनियादी ढांचे पर 1100 करोड़ रुपये खर्च
सैनी ने कहा कि पिछले 12 वर्षों में खेलों के बुनियादी ढांचे पर करीब 1100 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं। खेल विभाग का बजट 2013-14 के 163 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 668 करोड़ 42 लाख रुपये किया गया है। पंचकूला के ताऊ देवीलाल खेल परिसर में करीब 10 करोड़ रुपये की लागत से ए-स्टार उन्नत वैज्ञानिक प्रशिक्षण एवं पुनर्वास केंद्र बनाया गया है।
उन्होंने युवाओं से अपील की कि हरियाणा का हर युवा मैदान से जुड़े, नशे से नहीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि दो दिन बाद हरियाणा अपनी स्थापना के 60 वर्ष पूरे करेगा और खिलाड़ियों से बड़ा उपहार प्रदेश को कोई नहीं दे सकता। उन्होंने भरोसा जताया कि 2028, 2032 और 2036 के ओलंपिक में भी हरियाणा के खिलाड़ी तिरंगा ऊंचा करेंगे।
मंत्रियों ने भी रखी बात, भीम स्टेडियम के विस्तार की मांग
सिंचाई मंत्री श्रुति चौधरी ने कहा कि भीम स्टेडियम उनके परिवार की यादों से भी जुड़ा है, क्योंकि उनके पिता सुरेंद्र सिंह ने इसकी आधारशिला रखी थी। उन्होंने मुख्यमंत्री से स्टेडियम के विस्तार और आधुनिक सुविधाओं की मांग की। खेल राज्य मंत्री गौरव गौतम ने कहा कि हरियाणा के खिलाड़ियों ने पुरानी कहावत बदल दी है और अब खेलोगे-कूदोगे तो बनोगे लाजवाब। उन्होंने बताया कि मिशन ओलंपिक 2036 के तहत 36 पदक जीतने का लक्ष्य रखा गया है। खिलाड़ियों को तैयारी के लिए पांच लाख रुपये तक की सहायता, 20 लाख रुपये तक का स्वास्थ्य बीमा और पांच करोड़ रुपये तक के सब्सिडी वाले ऋण देने की व्यवस्था की जा रही है। उन्होंने भीम स्टेडियम को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर का बनाने की मांग भी रखी।
समारोह में कैबिनेट मंत्री श्याम सिंह राणा, सांसद धर्मवीर सिंह, भिवानी के विधायक घनश्याम सर्राफ, विधायक कपूर सिंह बाल्मीकि, उमेद सिंह पातूवास, पूर्व मंत्री जेपी दलाल, खेल विभाग की प्रधान सचिव अमनीत पी कुमार और निदेशक पार्थ गुप्ता समेत कई गणमान्य मौजूद रहे।