गुवाहाटी हाईकोर्ट ने कांग्रेस नेता पवन खेड़ा की अग्रिम जमानत याचिका खारिज की। मामला असम CM की पत्नी पर लगाए गए पासपोर्ट और कंपनी से जुड़े आरोपों से जुड़ा है। swadesh news
गुवाहाटी: गुवाहाटी हाईकोर्ट ने कांग्रेस नेता पवन खेड़ा की अग्रिम जमानत याचिका को खारिज कर दिया है। यह मामला असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की पत्नी पर लगाए गए आरोपों से जुड़ा है।
क्या है पूरा मामला
दरअसल, पवन खेड़ा ने 5 अप्रैल को दिल्ली में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मुख्यमंत्री की पत्नी रिनिकी भुइयां शर्मा पर गंभीर आरोप लगाए थे। उन्होंने दावा किया था कि उनके पास तीन विदेशी पासपोर्ट हैं और अमेरिका में एक बड़ी कंपनी से जुड़ी आर्थिक गतिविधियां हैं। इन आरोपों को निराधार बताते हुए रिनिकी भुइयां शर्मा ने गुवाहाटी में उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी।
किन धाराओं में दर्ज हुआ केस
असम पुलिस ने पवन खेड़ा के खिलाफ जालसाजी और आपराधिक साजिश से संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया है। पुलिस के अनुसार, यह मामला तथ्यों की गलत प्रस्तुति और गंभीर आरोप लगाने से जुड़ा है।
कानूनी प्रक्रिया: सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचे खेड़ा
एफआईआर के बाद पवन खेड़ा ने पहले तेलंगाना हाईकोर्ट में ट्रांजिट जमानत की याचिका दायर की थी। इसके बाद उन्होंने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें गुवाहाटी हाईकोर्ट में ही अपील करने की सलाह दी थी। इसके बाद खेड़ा ने गुवाहाटी हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत के लिए याचिका दायर की, जिसे अब खारिज कर दिया गया है।
राजनीतिक और कानूनी असर
इस फैसले के बाद यह मामला राजनीतिक और कानूनी दोनों स्तरों पर महत्वपूर्ण हो गया है। एक ओर विपक्षी नेता के खिलाफ कार्रवाई को लेकर बहस तेज हो सकती है, वहीं दूसरी ओर आरोपों की सत्यता और जांच की प्रक्रिया भी केंद्र में रहेगी। विशेषज्ञों का मानना है कि इस मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया और अदालतों के फैसले अहम भूमिका निभाएंगे, जिससे पूरे विवाद की दिशा तय होगी।