Breaking News
  • उत्तर प्रदेश में 24 और IAS के ट्रांसफर, 10 DM बदले, 18 घंटे में 64 अफसरों के तबादले
  • JEE मेन सेशन 2 रिजल्ट घोषित: 26 कैंडिडेट्स को 100 पर्सेंटाइल
  • जम्मू के उधमपुर में सड़क हादसा, 21 की मौत
  • तमिलनाडु में ₹1,200 करोड़ से ज्यादा के कैश-गोल्ड और फ्रीबीज जब्त
  • जज को केस से हटाने वाली केजरीवाल की याचिका खारिज
  • तेज गर्मी के चलते योगी सरकार ने 8वीं तक के परिषद स्कूलों की टाइमिंग बदली

होम > देश

Gujarat ATS Arrests 2 in Terror Conspiracy Case

गुजरात ATS की बड़ी कार्रवाई, सोशल मीडिया से कट्टरपंथ फैलाने के आरोप में दो गिरफ्तार

गुजरात ATS ने सोशल मीडिया के जरिए कट्टरपंथ फैलाने और आतंकी साजिश रचने के आरोप में दो युवकों को गिरफ्तार किया। जांच जारी, कई अहम खुलासे।


गुजरात ats की बड़ी कार्रवाई सोशल मीडिया से कट्टरपंथ फैलाने के आरोप में दो गिरफ्तार

अहमदाबाद: देश की सुरक्षा एजेंसियों ने एक अहम कार्रवाई करते हुए गुजरात में संभावित आतंकी साजिश का खुलासा किया है। Gujarat ATS ने सोशल मीडिया के जरिए युवाओं को कट्टरपंथ की ओर प्रेरित करने और देश विरोधी गतिविधियों में शामिल होने के आरोप में दो युवकों को गिरफ्तार किया है।

आतंकी नेटवर्क खड़ा करने की साजिश

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी एक संगठित नेटवर्क बनाने की योजना में थे। उनका उद्देश्य विस्फोटक सामग्री का इस्तेमाल कर देश में अस्थिरता फैलाना और कुछ संगठनों से जुड़े लोगों को निशाना बनाना था। एजेंसियों के अनुसार यह मामला राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा हुआ है और इसे गंभीरता से लिया जा रहा है।

सोशल मीडिया के जरिए कट्टरपंथ का प्रसार

जांच एजेंसियों के मुताबिक आरोपी व्हाट्सएप और इंस्टाग्राम जैसे प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कर कट्टरपंथी विचारधारा का प्रचार कर रहे थे। इस दौरान वे अन्य युवाओं को भी अपने नेटवर्क में शामिल करने की कोशिश कर रहे थे। सूत्रों के अनुसार आरोपियों के संपर्क कुछ अंतरराष्ट्रीय आतंकी संगठनों, विशेषकर ISIS से जुड़े लोगों और समूहों से पाए गए हैं।

तकनीकी निगरानी से मिला सुराग

एटीएस पिछले कुछ समय से इंटरनेट और सोशल मीडिया पर संदिग्ध गतिविधियों की निगरानी कर रही थी। इसी दौरान गुजरात के सिद्धपुर क्षेत्र के एक युवक के बारे में विशेष जानकारी मिली, जिसके बाद कार्रवाई की गई।

मोबाइल जांच में अहम खुलासे

आरोपी के मोबाइल फोन की जांच में कई संदिग्ध चैट और डिजिटल साक्ष्य मिले हैं। जांच में यह भी संकेत मिले हैं कि वह देशभर में समान विचारधारा वाले लोगों को जोड़कर एक नेटवर्क बनाने की कोशिश कर रहा था। दोनों आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें 11 दिनों की एटीएस हिरासत में भेज दिया गया है। एजेंसियां अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान करने में जुटी हैं।

राष्ट्रीय सुरक्षा के प्रति सतर्कता जरूरी

सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से कट्टरपंथ फैलाना एक गंभीर चुनौती बनता जा रहा है। ऐसे मामलों में समय पर कार्रवाई देश की आंतरिक सुरक्षा के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। एटीएस ने स्पष्ट किया है कि इस पूरे मामले की गहन जांच जारी है और भविष्य में और भी खुलासे हो सकते हैं।

Related to this topic: