चुनाव आयोग आज शाम 4 बजे पश्चिम बंगाल, असम, तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी में होने वाले विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान करेगा।
नई दिल्ली। देश के पांच राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनावों की तारीखों का ऐलान आज किया जाएगा।चुनाव आयोग शाम 4 बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस कर श्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल,असम और पुडुचेरी में होने वाले विधानसभा चुनावों का कार्यक्रम जारी करेगा।इन सभी राज्यों की मौजूदा विधानसभाओं का कार्यकाल मई 2026 में समाप्त हो रहा है, इसलिए चुनाव आयोग जल्द ही चुनाव प्रक्रिया शुरू करेगा।
कितने चरणों में हो सकते हैं चुनाव
पश्चिम बंगाल, असम और तमिलनाडु में दो-दो चरणों में मतदान हो सकता है।
केरल और पुडुचेरी में एक ही चरण में चुनाव कराए जाने की संभावना है।
पिछले विधानसभा चुनाव 2021 में पश्चिम बंगाल में 8 चरणों में मतदान हुआ था, जबकि असम में 3 चरणों में चुनाव हुए थे। तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी में एक ही चरण में मतदान कराया गया था।
मतदाता सूची में हुआ ये बदलाव
चुनाव से पहले मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण के बाद कई राज्यों में मतदाताओं की संख्या में बदलाव हुआ है। तमिलनाडु में लगभग 74 लाख मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए, पश्चिम बंगाल में करीब 58 लाख नाम हटे, केरल में लगभग 8 लाख नाम कम हुए।
असम में करीब 2 लाख मतदाता सूची से बाहर हुए,पुडुचेरी में लगभग 77 हजार नाम हटाए गए।
पांचों राज्यों में राजनीतिक स्थिति
पश्चिम बंगाल-राज्य में पिछले 14 वर्षों से Mamata Banerjee के नेतृत्व में सरकार है। यदि उनकी पार्टी इस बार भी जीतती है तो वे लगातार चौथी बार मुख्यमंत्री बन सकती हैं। मुख्य मुकाबला भारतीय जनता पार्टी से माना जा रहा है।
असम-राज्य में पिछले 10 वर्षों से भारतीय जनता पार्टी की सरकार है। पार्टी तीसरी बार सत्ता में आने की तैयारी कर रही है। सीमा सुरक्षा और घुसपैठ जैसे मुद्दे चुनाव में अहम रह सकते हैं।
तमिलनाडु-यह राज्य लंबे समय से क्षेत्रीय दलों के प्रभाव में रहा है। इस बार अभिनेता Vijay की पार्टी Tamilaga Vettri Kazhagam भी चुनावी मैदान में उतर रही है।
केरल-केरल देश का ऐसा राज्य है जहां वर्तमान में वामपंथी गठबंधन की सरकार है। 2021 में वाम मोर्चे ने लगातार दूसरी बार सरकार बनाकर सत्ता परिवर्तन की परंपरा को तोड़ा था।
पुडुचेरी-पुडुचेरी में 2021 में कांग्रेस सरकार गिरने के बाद N. Rangasamy के नेतृत्व में नई सरकार बनी थी। इस बार विपक्षी दल सत्ता में वापसी की कोशिश कर रहे हैं।