Breaking News
  • बंगाल में चुनाव से पहले मुख्य सचिव-DGP को हटाया: कोलकाता पुलिस कमिश्नर समेत 6 अधिकारी बदले
  • धार भोजशाला विवाद पर MP हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, जज खुद करेंगे मुआयना
  • बिहार राज्यसभा चुनाव में महागठबंधन को झटका, पांचों सीटों पर NDA की जीत
  • BJP ने केरल उम्मीदवारों की पहली लिस्ट जारी की
  • BJP ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के लिए 144 उम्मीदवारों की लिस्ट जारी की
  • भारतीय LPG जहाज शिवालिक गुजरात के मुंद्रा पोर्ट पहुंचा
  • बंगाल के लगभग 50 फीसदी विधायकों के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज: ADR

होम > देश

First LPG Ship Reaches India Amid War

जंग के बीच भारत पहुंचा पहला LPG जहाज, मुंद्रा पोर्ट पर उतरी लाखों सिलेंडर जितनी गैस

मिडिल ईस्ट युद्ध के बीच कतर से LPG लेकर पहला जहाज भारत के मुंद्रा पोर्ट पहुंचा। शिवालिक जहाज में 46 हजार टन गैस लदी है, जो करीब 32 लाख घरेलू सिलेंडरों के बराबर बताई जा रही है।


जंग के बीच भारत पहुंचा पहला lpg जहाज मुंद्रा पोर्ट पर उतरी लाखों सिलेंडर जितनी गैस

First Ship Reached Port |

नई दिल्ली। मिडिल ईस्ट में चल रहे तनाव और युद्ध जैसे हालात के बीच भारत के लिए राहत की खबर आई है। कतर से LPG लेकर एक बड़ा गैस कैरियर जहाज भारत पहुंच गया है। सोमवार शाम गुजरात के मुंद्रा पोर्ट पर यह जहाज सुरक्षित पहुंचा। 

खास बात यह है कि खाड़ी क्षेत्र में संघर्ष के बीच भारत आने वाला यह पहला LPG जहाज माना जा रहा है। जहाज में इतनी गैस है, जो लाखों घरेलू सिलेंडरों के बराबर बताई जा रही है। इससे फिलहाल सप्लाई को लेकर बनी चिंता कुछ हद तक कम हुई है।

मुंद्रा पोर्ट पहुंचा ‘शिवालिक’ जहाज

शिपिंग मंत्रालय के अनुसार LPG कैरियर शिवालिक सोमवार शाम करीब 5 बजे मुंद्रा पोर्ट पर पहुंचा। यह जहाज 14 मार्च को कतर से रवाना हुआ था और रास्ते में दुनिया के सबसे संवेदनशील समुद्री मार्गों में से एक होर्मुज स्ट्रेट को पार कर भारत आया। इस जहाज में करीब 46 हजार मीट्रिक टन LPG लदी है। अनुमान के मुताबिक यह मात्रा लगभग 32.4 लाख घरेलू गैस सिलेंडरों के बराबर है। खाड़ी क्षेत्र में जारी संघर्ष के बीच इस जहाज का सुरक्षित पहुंचना भारत के लिए अहम माना जा रहा है।

दो और जहाज कल पहुंचेंगे

सरकारी जानकारी के मुताबिक अगले 24 घंटे में दो और बड़े जहाज भारत पहुंचने वाले हैं। नंदा देवी जहाज लगभग 46 हजार टन LPG लेकर आ रहा है। जग लाडकी जहाज करीब 81 हजार टन कच्चा तेल लेकर भारत पहुंचेगा। इन जहाजों के पहुंचने से देश में ऊर्जा आपूर्ति की स्थिति और स्थिर रहने की उम्मीद जताई जा रही है।

होर्मुज स्ट्रेट क्यों है इतना अहम?

होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापारिक मार्गों में से एक माना जाता है। खाड़ी देशों से निकलने वाला तेल और गैस का बड़ा हिस्सा इसी रास्ते से होकर एशिया और यूरोप के बाजारों तक पहुंचता है। मिडिल ईस्ट में जब भी तनाव बढ़ता है, इस मार्ग पर जहाजों की आवाजाही को लेकर चिंता बढ़ जाती है।

ट्रम्प की चेतावनी, NATO पर भी उठे सवाल

इस बीच अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सहयोगी देशों को लेकर सख्त बयान दिया है। ब्रिटिश अखबार फाइनेंशियल टाइम्स को दिए इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि अगर सहयोगी देश ईरान के मामले में अमेरिका की मदद नहीं करते, तो NATO के भविष्य पर असर पड़ सकता है। ट्रम्प ने कहा कि अमेरिका ने हजारों मील दूर यूक्रेन की मदद की, अब यह देखना होगा कि सहयोगी देश अमेरिका के साथ खड़े होते हैं या नहीं।

यूरोप के कई देशों ने बनाई दूरी

हालांकि यूरोप के कुछ देशों ने पहले ही साफ कर दिया है कि वे इस संघर्ष में शामिल नहीं होंगे। जर्मनी ने कहा है कि वह ईरान से जुड़े किसी युद्ध अभियान में शामिल नहीं होगा। ग्रीस ने भी होर्मुज स्ट्रेट में सैन्य कार्रवाई से दूरी बनाई है। वहीं, कीर स्टारमर  ने कहा कि यूके की प्राथमिकता क्षेत्र में मौजूद अपने नागरिकों की सुरक्षा है। यानी मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच दुनिया की बड़ी ताकतें फिलहाल सीधे सैन्य टकराव से बचने की कोशिश करती दिख रही हैं।

Related to this topic: