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FCRA Bill JPC Amit Shah Update

FCRA बिल संसद में नहीं बनी सहमति, JPC को भेजा गया, अमित शाह ने छात्र आंदोलन पर चर्चा मांगी

संसद के मानसून सत्र में FCRA बिल JPC के पास भेज दिया गया। इसी बीच अमित शाह ने छात्र आंदोलन पर चर्चा की मांग की तो विपक्ष ने सरकार पर सवाल उठाए।


fcra बिल संसद में नहीं बनी सहमति jpc को भेजा गया अमित शाह ने छात्र आंदोलन पर चर्चा मांगी

FRCA amendment bill JPC |

नई दिल्ली। संसद के मानसून सत्र के आखिरी दो दिनों में सरकार और विपक्ष के बीच टकराव और तेज हो गया है। FCRA संसोधन बिल को संयुक्त संसदीय समिति के पास भेज दिया गया है। इसी बीच गृह मंत्री अमित शाह ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को पत्र लिखकर छात्र आंदोलन के मुद्दे पर चर्चा कराने की मांग की है।

संसद के भीतर हंगामे और बाहर आमने-सामने के प्रदर्शन ने बुधवार की कार्यवाही का माहौल गर्म रखा। विपक्ष दिल्ली में छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर शाह से जवाब मांग रहा है। सत्ता पक्ष ने झारखंड में छात्रों पर पुलिस कार्रवाई का मुद्दा उठाते हुए राहुल गांधी को घेरा।

FCRA बिल अब JPC के पास

FCRA संशोधन विधेयक को संयुक्त संसदीय समिति यानी JPC के पास भेज दिया गया है। समिति में लोकसभा के 21 और राज्यसभा के 10 सदस्य होंगे। समिति अपनी रिपोर्ट शीतकालीन सत्र के पहले सप्ताह में देने वाली है। यह कदम ऐसे समय हुआ है जब विपक्ष इस विधेयक के प्रावधानों को लेकर सरकार पर सवाल उठा रहा है। FCRA को लेकर सरकार और विपक्ष की बहस केवल सदन तक सीमित नहीं है। विदेशी चंदे और उससे जुड़े नियमों में बदलाव को लेकर राजनीतिक दलों के बीच मतभेद सामने आए हैं। ऐसे में JPC में भेजे जाने से विधेयक पर आगे की प्रक्रिया तत्काल वोटिंग के बजाय समिति की जांच और चर्चा की तरफ बढ़ गई है।

अमित शाह ने स्पीकर को लिखा पत्र

गृह मंत्री अमित शाह ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को पत्र लिखकर छात्र आंदोलन पर चर्चा कराने की मांग की। शाह ने संसद में कहा कि सरकार चर्चा के लिए तैयार है और विपक्ष को सदन चलने देना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार के पास छिपाने के लिए कुछ नहीं है। शाह के इस रुख के बाद भी विपक्ष का विरोध खत्म नहीं हुआ। राहुल गांधी ने कहा कि विपक्ष को गृह मंत्री का लेक्चर नहीं चाहिए बल्कि छात्रों से जुड़े सवालों के जवाब चाहिए। उनका आरोप है कि छात्रों पर कार्रवाई को लेकर सरकार को जवाब देना चाहिए।

संसद के बाहर भी आमने-सामने सरकार और विपक्ष

संसद परिसर के बाहर बुधवार को बीजेपी और विपक्षी सांसदों ने अलग-अलग प्रदर्शन किया। विपक्षी सांसद अमित शाह से जवाब की मांग कर रहे थे। वहीं NDA सांसदों ने झारखंड में छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर प्रदर्शन किया और राहुल गांधी के खिलाफ नारे लगाए। एक दिन पहले भी दोनों पक्षों के प्रदर्शन के दौरान आमने-सामने आने की स्थिति बनी थी। इस बार टकराव की स्थिति पहले जैसी नहीं बनी लेकिन राजनीतिक दूरी साफ दिखी। मानसून सत्र के खत्म होने में अब केवल दो दिन बाकी हैं। ऐसे में छात्रों पर कार्रवाई और FCRA विधेयक जैसे मुद्दे सदन की बाकी कार्यवाही पर भी असर डाल सकते हैं।

राहुल गांधी से लेकर प्रियंका गांधी तक सरकार पर निशाना

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने अमित शाह के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने छात्रों पर गोली चलाने और लाठीचार्ज के आदेश को लेकर सवाल उठाए। राहुल ने दावा किया कि विपक्ष पिछले कई दिनों से गृह मंत्री के बयान की मांग कर रहा है। कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने भी छात्रों पर कार्रवाई को लेकर सरकार से जवाब मांगा। उन्होंने कहा कि संसद वह जगह है जहां सरकार को ऐसे सवालों का जवाब देना चाहिए।

दूसरी ओर समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने FCRA बिल पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि इसके जरिए अल्पसंख्यकों को दबाने की कोशिश की जा रही है। ये विपक्ष के आरोप हैं और सरकार का पक्ष इस मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार रहने का है।

सत्र के आखिरी दो दिन पर नजर

मानसून सत्र अब निर्णायक दौर में है। एक तरफ FCRA बिल JPC के पास पहुंच चुका है। दूसरी तरफ छात्र आंदोलन को लेकर सरकार और विपक्ष के बीच बहस सड़क से संसद तक पहुंची हुई है। सरकार चर्चा के लिए तैयार होने की बात कह रही है जबकि विपक्ष गृह मंत्री से सीधे जवाब की मांग पर कायम है। ऐसे में 13 अगस्त को सत्र समाप्त होने से पहले सदन की कार्यवाही सुचारू चल पाती है या नहीं इस पर सबकी नजर रहेगी।

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