पश्चिम बंगाल, असम, तमिलनाडु, केरलम और पुडुचेरी विधानसभा चुनाव 2026 की मतगणना शुरू। जानिए किस राज्य में कौन आगे और किसकी सरकार बनती दिख रही है।
देश के पांच राज्यों पश्चिम बंगाल, असम, तमिलनाडु, केरलम और केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी में विधानसभा चुनाव 2026 की मतगणना शुरू हो चुकी है। सुबह 8 बजे से ईवीएम वोटों की गिनती जारी है और शुरुआती रुझानों ने राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज कर दी है। सबसे ज्यादा नजर पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु पर टिकी हुई है।
पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी चौथी बार सत्ता बचाने की कोशिश में हैं, जबकि बीजेपी इतिहास रचने का दावा कर रही है। वहीं तमिलनाडु में डीएमके, एआईएडीएमके और अभिनेता विजय की पार्टी TVK के बीच दिलचस्प मुकाबला देखने को मिल रहा है। असम में हिमंता बिस्वा सरमा की बीजेपी सरकार हैट्रिक की उम्मीद लगाए बैठी है।
पश्चिम बंगाल में TMC-BJP के बीच कांटे की टक्कर
पश्चिम बंगाल की 293 सीटों पर आए शुरुआती रुझानों ने मुकाबले को बेहद रोमांचक बना दिया है। भवानीपुर सीट पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी आमने-सामने हैं। राज्य में रिकॉर्ड 92 फीसदी से ज्यादा मतदान ने राजनीतिक समीकरण बदल दिए हैं।
मतगणना शुरू होने से पहले कई जगह तनाव भी देखने को मिला। भवानीपुर में काउंटिंग एजेंट्स के बीच नारेबाजी हुई, जबकि टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा ने चार स्ट्रांग रूम के CCTV बंद रहने का आरोप लगाया।टीएमसी नेताओं का दावा है कि ममता बनर्जी लगातार चौथी बार सरकार बनाएंगी। वहीं बीजेपी का कहना है कि इस बार बंगाल में “कमल खिलने” वाला है।
असम में बीजेपी की हैट्रिक पर नजर
असम की 126 सीटों पर वोटों की गिनती जारी है। मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा के नेतृत्व में बीजेपी लगातार तीसरी बार सरकार बनाने का दावा कर रही है। कांग्रेस की तरफ से गौरव गोगोई ने कड़ी चुनौती दी है।राज्य में 85 फीसदी से ज्यादा मतदान दर्ज किया गया था। NRC, घुसपैठ और परिसीमन इस चुनाव के बड़े मुद्दे रहे। शुरुआती संकेत बीजेपी गठबंधन के पक्ष में माने जा रहे हैं, हालांकि कई सीटों पर मुकाबला बेहद करीबी है।
तमिलनाडु में विजय की TVK ने बढ़ाया सस्पेंस
तमिलनाडु से आए पहले रुझानों में अभिनेता थलापति विजय की पार्टी TVK एक सीट पर आगे दिखाई दी। इससे राज्य की राजनीति में नया समीकरण बनता नजर आ रहा है।234 सीटों वाले तमिलनाडु में डीएमके सत्ता बचाने की कोशिश में है, जबकि एआईएडीएमके के नेतृत्व वाला एनडीए वापसी की उम्मीद लगाए बैठा है। इस बार रिकॉर्ड 85 फीसदी से ज्यादा मतदान हुआ था।चुनाव नतीजों से पहले डीएमके की आईटी विंग के एक पोस्ट ने विवाद भी खड़ा कर दिया, जिसमें “आर्यवाद को उखाड़ फेंकने” जैसी टिप्पणी की गई। इस बयान को लेकर सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है।
केरलम में एलडीएफ बनाम यूडीएफ का करीबी मुकाबला
केरलम की 140 सीटों पर शुरुआती रुझानों में यूडीएफ को बढ़त मिलती दिखी है। मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन के नेतृत्व वाली एलडीएफ सरकार तीसरी बार सत्ता में लौटने की कोशिश कर रही है।राज्य में 78.27 फीसदी मतदान हुआ था। बेरोजगारी, भ्रष्टाचार और विकास इस चुनाव के अहम मुद्दे रहे। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस बार मुकाबला बेहद करीबी हो सकता है।
पुडुचेरी में NDA की अग्निपरीक्षा
पुडुचेरी की 30 सीटों पर भी वोटों की गिनती जारी है। मुख्यमंत्री रंगासामी के नेतृत्व वाला एनडीए गठबंधन सत्ता बचाने की कोशिश में है। राज्य में करीब 90 फीसदी मतदान हुआ, जो अब तक का रिकॉर्ड माना जा रहा है।राजनीतिक जानकारों का कहना है कि पुडुचेरी का परिणाम दक्षिण भारत की राजनीति को बड़ा संदेश दे सकता है। अगर यहां एनडीए जीतता है तो दक्षिण में बीजेपी की पकड़ मजबूत होने का संकेत माना जाएगा।
रिकॉर्ड वोटिंग ने बढ़ाया सस्पेंस
इस बार पांचों राज्यों में रिकॉर्ड मतदान दर्ज किया गया। पश्चिम बंगाल में 93 फीसदी से ज्यादा, पुडुचेरी में लगभग 90 फीसदी और असम में 85 फीसदी से ज्यादा वोटिंग हुई।विशेषज्ञों के मुताबिक ज्यादा मतदान अक्सर बड़े बदलाव या मजबूत जनादेश का संकेत माना जाता है। यही वजह है कि शुरुआती रुझानों पर पूरे देश की नजर बनी हुई है।
किस राज्य में कितनी सीटों पर बहुमत?
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पश्चिम बंगाल: 148 सीट
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तमिलनाडु: 118 सीट
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केरलम: 71 सीट
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असम: 64 सीट
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पुडुचेरी: 16 सीट
जैसे-जैसे रुझान आगे बढ़ेंगे, यह साफ होता जाएगा कि किस राज्य में किस पार्टी की सरकार बनती दिख रही है। फिलहाल देश की राजनीति का पूरा फोकस इन पांच राज्यों पर टिका हुआ है।