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Eknath Shinde Helicopter Scare

ऐरोली के आसमान में अचानक बदला मौसम, पायलट के एक फैसले ने बचाई एकनाथ शिंदे की जान?

महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे का हेलीकॉप्टर खराब मौसम में फंस गया। पायलट की सूझबूझ से बड़ा हादसा टला और हेलीकॉप्टर की सुरक्षित लैंडिंग कराई गई।


ऐरोली के आसमान में अचानक बदला मौसम पायलट के एक फैसले ने बचाई एकनाथ शिंदे की जान

एकनाथ शिंदे न्यूज |

महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे गुरुवार दोपहर एक बड़े हवाई हादसे से बाल-बाल बच गए। मुंबई से मुरबाड जा रहा उनका हेलीकॉप्टर अचानक खराब मौसम और तेज तूफानी संकेतों के बीच फंस गया। घटना उस समय हुई जब हेलीकॉप्टर ऐरोली इलाके के ऊपर पहुंचा। पायलट ने मौसम की गंभीर स्थिति को भांपते हुए तुरंत उड़ान का रूट बदलने का फैसला लिया।

कुछ मिनटों बाद हेलीकॉप्टर को सुरक्षित तरीके से जुहू के पवन हंस हेलीपैड पर उतार दिया गया। इस पूरे घटनाक्रम ने वीआईपी उड़ानों की सुरक्षा और मानसून से पहले बदलते मौसम के खतरे को फिर चर्चा में ला दिया है।

ऐरोली के ऊपर अचानक बढ़ा खतरा

दोपहर करीब 3:30 बजे एकनाथ शिंदे का हेलीकॉप्टर महालक्ष्मी रेसकोर्स से रवाना हुआ था। उन्हें मुरबाड में एक निजी कार्यक्रम में शामिल होना था। शुरुआत में उड़ान सामान्य रही, लेकिन ऐरोली के आसपास पहुंचते ही मौसम तेजी से बदलने लगा। आसमान में घने बादल और तेज हवाओं ने स्थिति को जोखिम भरा बना दिया। सूत्रों के मुताबिक कुछ ही मिनटों में विजिबिलिटी भी प्रभावित होने लगी थी। ऐसे में आगे बढ़ना सुरक्षित नहीं माना गया।

पायलट ने टाला बड़ा हादसा

हेलीकॉप्टर के पायलट ने हालात बिगड़ते देख तुरंत कंट्रोल संभाला। उन्होंने उपमुख्यमंत्री को मौसम से जुड़े खतरे की जानकारी दी और आगे उड़ान जारी रखने के जोखिम बताए। इसके बाद बिना देरी किए हेलीकॉप्टर को वापस मुंबई की ओर मोड़ दिया गया। एविएशन एक्सपर्ट्स मानते हैं कि खराब मौसम में समय पर लिया गया फैसला कई बार तकनीक से भी ज्यादा महत्वपूर्ण साबित होता है। अगर हेलीकॉप्टर तूफानी क्षेत्र में और आगे बढ़ता, तो तेज हवा और अस्थिर वातावरण उड़ान संतुलन पर असर डाल सकते थे।

जुहू में सुरक्षित लैंडिंग सवार यात्री सुरक्षित

रूट बदलने के कुछ ही देर बाद हेलीकॉप्टर ने जुहू स्थित पवन हंस हेलीपैड पर सुरक्षित लैंडिंग कर ली। उपमुख्यमंत्री कार्यालय ने पुष्टि की कि घटना में किसी को चोट नहीं आई। हेलीकॉप्टर में सवार सभी लोग पूरी तरह सुरक्षित हैं। घटना के बाद पायलट की सतर्कता और त्वरित फैसले की जमकर सराहना हो रही है। सोशल मीडिया पर भी कई लोगों ने इसे “सही समय पर लिया गया सही निर्णय” बताया।

वीआईपी उड़ानों की सुरक्षा फिर बहस में

इस घटना ने एक बार फिर सवाल खड़ा किया है कि बदलते मौसम के दौरान वीआईपी उड़ानों के लिए सुरक्षा प्रोटोकॉल कितने चुनौतीपूर्ण हो जाते हैं। मानसून से पहले महाराष्ट्र और तटीय इलाकों में मौसम अचानक बदलना आम माना जाता है। ऐसे में हेलीकॉप्टर उड़ानों में जोखिम कई गुना बढ़ जाता है।

एविएशन सेक्टर से जुड़े विशेषज्ञों का कहना है कि छोटे एयर रूट्स और लो-एल्टीट्यूड उड़ानों में मौसम की मामूली गड़बड़ी भी गंभीर स्थिति बना सकती है। यही वजह है कि पायलट की रियल टाइम जजमेंट सबसे अहम होती है।

राजनीतिक कार्यक्रम के रास्ते में अचानक बदला पूरा प्लान

एकनाथ शिंदे जिस कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे थे, वह उनकी पार्टी के एक पदाधिकारी के परिवार से जुड़ा निजी समारोह था। लेकिन मौसम के कारण यात्रा बीच में ही रोकनी पड़ी। इस घटना के बाद सुरक्षा एजेंसियां भी पूरे घटनाक्रम की रिपोर्ट तैयार कर रही हैं, ताकि भविष्य में ऐसे मौसमीय जोखिमों के दौरान अतिरिक्त सावधानियां तय की जा सकें।

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