म्यांमार में भूकंप का कहर लगातार जारी है। शनिवार दोपहर 3:30 बजे एक और भूकंप आया, जिसकी तीव्रता रिक्टर स्केल पर 5.1 मापी गई। बीते दो दिनों में तीन बड़े भूकंप आ चुके हैं, जिससे मरने वालों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। रॉयटर्स के मुताबिक, अब तक 1,644 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 3,408 से ज्यादा लोग घायल हैं।
म्यांमार और पड़ोसी देशों के लिए यह भूकंप एक बड़ी प्राकृतिक आपदा बन चुका है। शुक्रवार को आए 7.7 तीव्रता के भूकंप ने देशभर में भारी तबाही मचाई। यूनाइटेड स्टेट जियोलॉजिकल सर्वे (USGS) ने अनुमान जताया है कि मौतों का आंकड़ा 10 हजार तक पहुंच सकता है। भूकंप के झटके थाईलैंड, बांग्लादेश, चीन और भारत तक महसूस किए गए थे।
न्यूज एजेंसी AFP की रिपोर्ट के अनुसार, अब तक 1,644 लोगों की मौत हो चुकी है और 3,408 से ज्यादा लोग घायल बताए जा रहे हैं। थाईलैंड की राजधानी बैंकॉक में एक 30 मंजिला इमारत गिरने से 10 लोगों की जान चली गई है। राहत और बचाव कार्य तेजी से चलाया जा रहा है, लेकिन हालात अभी भी गंभीर बने हुए हैं।
पीएम मोदी ने म्यांमार की सैन्य सरकार से की बात
भारत सरकार भी इस आपदा पर करीबी नजर बनाए हुए है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने म्यांमार की सैन्य सरकार के प्रमुख से बात की और हरसंभव मदद देने का आश्वासन दिया। भारत सरकार ने म्यांमार में एनडीआरएफ की टीमें भेजने और मेडिकल सहायता देने की पेशकश की है।
मोदी ने ट्वीट कर लिखा—
"म्यांमार में भूकंप से हुए नुकसान पर गहरा दुख है। भारत हरसंभव मदद के लिए तैयार है। प्रभावित परिवारों के प्रति हमारी संवेदनाएं।"
अगले 48 घंटे अहम
विशेषज्ञों का कहना है कि अगले 48 घंटे बेहद अहम हैं। राहत और बचाव कार्य में तेजी लाने की जरूरत है ताकि फंसे हुए लोगों की जान बचाई जा सके।
- सरकार और राहत एजेंसियां बचाव कार्य तेज कर रही हैं।
- भारत समेत कई देश मदद भेजने के लिए तैयार हैं।
- आने वाले दिनों में भूकंप के और झटके आ सकते हैं।