फरवरी में ही MP 35°C+, राजस्थान 37°C के करीब। वहीं उत्तराखंड में माइनस 10°C तक गिरा पारा, जानें ताजा मौसम अपडेट।
भोपाल। फरवरी अभी आधी भी नहीं बीती और दोपहर की धूप ने अप्रैल की याद दिला दी है। सुबह घर से निकलते वक्त हल्की ठंड का एहसास होता है, लेकिन 11 बजते-बजते माथे पर पसीना आ जाता है। देश के अलग-अलग हिस्सों में मौसम का मिजाज ऐसा बदला है कि लोग हैरान हैं। मध्य प्रदेश और राजस्थान में गर्मी समय से पहले दस्तक दे चुकी है, तो वहीं पहाड़ी राज्यों में ठंड अभी भी तेवर दिखा रही है।
मध्य प्रदेश: फरवरी में अप्रैल जैसा तापमान
मध्य प्रदेश में इस बार फरवरी कुछ ज्यादा ही गर्म हो गई है। कई शहरों में दिन का तापमान 35°C के पार चला गया। खंडवा और खरगोन में गुरुवार को अधिकतम तापमान 35.2°C दर्ज किया गया। भोपाल, इंदौर और आसपास के इलाकों में भी दोपहर की धूप चुभने लगी है। सुबह का न्यूनतम तापमान करीब 17°C के आसपास है, यानी रात में हल्की ठंड और दिन में तेज गर्मी। मौसम के इस उतार-चढ़ाव ने लोगों की दिनचर्या बदल दी है। दोपहर में बाजारों में भीड़ कम दिख रही है, और लोग अब छांव तलाशते नजर आ रहे हैं। मौसम विभाग का कहना है कि 2 मार्च से वेस्टर्न डिस्टरबेंस एक्टिव हो सकता है, जिससे तापमान में हल्की गिरावट संभव है। हालांकि तब तक गर्मी का असर बना रह सकता है।
राजस्थान: समय से पहले गर्मी का सीजन
राजस्थान में तो हाल और भी तेज हैं। कई जिलों में अधिकतम तापमान 37°C के करीब पहुंच गया है। पश्चिमी जिलों के साथ-साथ अब पूर्वी और उत्तरी हिस्सों में भी तेज धूप ने असर दिखाना शुरू कर दिया है।जयपुर में सुबह 9 बजे के बाद ही धूप तेज हो जाती है। अजमेर, उदयपुर सहित कई शहरों में तापमान 31°C से ऊपर दर्ज किया गया। स्थानीय लोग कह रहे हैं कि फरवरी में इतनी गर्मी पहले कम ही महसूस हुई है। खुले मैदानों और सड़कों पर दोपहर के वक्त सन्नाटा सा नजर आता है, जैसे मई-जून का महीना हो।
हरियाणा और छत्तीसगढ़ भी अछूते नहीं
हरियाणा के भिवानी और नूंह समेत 5 शहरों में तापमान 30°C से ऊपर पहुंच गया। छत्तीसगढ़ के कई इलाकों में भी पारा लगातार बढ़ रहा है। मौसम वैज्ञानिक मान रहे हैं कि इस बार प्री-समर हीट जल्दी सक्रिय हो गई है।
उत्तराखंड-हिमाचल में शीतलहर का कहर
जहां मैदानी इलाकों में गर्मी बढ़ रही है, वहीं पहाड़ों में कड़ाके की ठंड जारी है। उत्तराखंड के 6 शहरों में तापमान माइनस 10°C से नीचे दर्ज किया गया। उत्तरकाशी, चमोली और पिथौरागढ़ में बारिश और बर्फबारी का अलर्ट जारी है। हिमाचल प्रदेश में भी अगले चार दिनों तक बर्फबारी की संभावना जताई गई है। पहाड़ी क्षेत्रों में लोग अभी भी अलाव का सहारा ले रहे हैं।
मौसम में यह बड़ा अंतर क्यों?
मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता, साफ आसमान और शुष्क हवाएं मैदानी इलाकों में तापमान बढ़ा रही हैं। वहीं पहाड़ों में ऊंचाई और बर्फबारी के कारण ठंड बरकरार है। फरवरी में ऐसा तापमान आम तौर पर मार्च के अंत या अप्रैल में देखने को मिलता है। ऐसे में सवाल यही है कि क्या इस बार गर्मी लंबी और ज्यादा तीखी रहने वाली है?