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जिस बेटी को रिक्शा चला कर पढ़ाया उसकी मौत, अपने सपनों को उड़ान देने लंदन जा रही थी पायल…

जिस बेटी को रिक्शा चला कर पढ़ाया उसकी मौत, अपने सपनों को उड़ान देने लंदन जा रही थी पायल…

जिस बेटी को रिक्शा चला कर पढ़ाया उसकी मौत अपने सपनों को उड़ान देने लंदन जा रही थी पायल…

अहमदाबाद। जो बेटी अपने सपनों को पंख देकर लंदन उड़ान भरने निकली थी, वह चंद पलों में हादसे की भेंट चढ़ गई। अहमदाबाद विमान दुर्घटना ने राजस्थान की पायल खटीक की जिंदगी छीन ली। 23 वर्षीय पायल खटीक एमटेक की पढ़ाई के लिए एयर इंडिया की फ्लाइट से लंदन जा रही थीं, लेकिन उड़ान भरने के कुछ ही सेकेंड बाद विमान क्रैश हो गया। इस हृदय विदारक हादसे में पायल की मौत हो गई।

पायल राजस्थान के उदयपुर की रहने वाली थीं, लेकिन उनका परिवार पिछले कुछ सालों से गुजरात के साबरकांठा जिले में रह रहा था। उनके पिता सुरेश खटीक लोडिंग रिक्शा चलाते हैं। परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर है। फिर भी पिता ने बेटी के सपनों को पूरा करने के लिए बैंक से लोन लिया, समाज से मदद ली और पायल को लंदन भेजने की तैयारी की।

हादसे से पहले पायल ने फ्लाइट में बैठकर परिजनों से वीडियो कॉल भी किया था। परिजन खुशी से भरे हुए थे। उन्हें क्या पता था कि कुछ ही मिनट बाद वे उसी बेटी की मौत की खबर सुनेंगे। फ्लाइट उड़ान भरने के 40 सेकेंड बाद ही क्रैश हो गई। जैसे ही हादसे की सूचना मिली, परिवार दोबारा अहमदाबाद पहुंचा। डीएनए जांच के लिए सैंपल लिए गए ताकि शव की पहचान की जा सके।

पायल न केवल होनहार छात्रा थीं, बल्कि परिवार के लिए एक मजबूत सहारा भी थीं। वह छात्रों को ट्यूशन पढ़ाकर घर चलाने में मदद करती थीं। उनका सपना था कि एमटेक करने के बाद एक बेहतर नौकरी करके अपने परिवार को आर्थिक मजबूती दें।

परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़

पायल की मौत ने सुरेश खटीक के परिवार को गहरे अंधकार में धकेल दिया है। जिस बेटी के सपनों को साकार करने के लिए उन्होंने दिन-रात मेहनत की, बैंक और समाज से कर्ज लिया, वही बेटी अब इस दुनिया में नहीं रही। यह हादसा केवल एक विमान दुर्घटना नहीं, बल्कि कई घरों के सपनों के बिखरने की कहानी है।

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