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नागपुर में धीरेंद्र शास्त्री का संदेश

नागपुर में धीरेंद्र शास्त्री का संदेशः भारतीय संस्कृति और सेवा भाव पर दिया जोर कहा - 4 बच्चे पैदा करो, एक RSS को दो

नागपुर में ‘भारतदुर्गा मंदिर’ शिलान्यास समारोह में धीरेंद्र शास्त्री ने भारतीय संस्कृति, नारी सम्मान और राष्ट्रसेवा पर विचार साझा किए। कार्यक्रम में कई संत और शीर्ष नेता मौजूद रहे।


नागपुर में धीरेंद्र शास्त्री का संदेशः भारतीय संस्कृति और सेवा भाव पर दिया जोर कहा - 4 बच्चे पैदा करो एक rss को दो

नागपुर में आयोजित ‘भारतदुर्गा मंदिर’ के शिलान्यास समारोह में बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पं. धीरेंद्र शास्त्री ने भारतीय संस्कृति, राष्ट्रसेवा और सामाजिक जिम्मेदारी पर अपने विचार साझा किए। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि भारत की पहचान केवल आध्यात्मिकता तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सेवा, साहस और संस्कृति का संगम भी है। 

पं. धीरेंद्र शास्त्री ने कहा

जब कहीं आपदा आती है, तो लोग जान बचाकर भागते हैं, लेकिन संघ के कार्यकर्ता वहां जाकर लोगों की जान बचाते हैं।

सेवा और राष्ट्रनिर्माण पर दिया जोर

धीरेंद्र शास्त्री ने अपने संबोधन में कहा कि आपदा और संकट के समय देश में स्वयंसेवक जिस तरह आगे आकर लोगों की मदद करते हैं, वह भारत की सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने इसे समाज सेवा और राष्ट्रनिर्माण की सच्ची भावना बताया। उन्होंने यह भी कहा कि भारत की परंपरा हमेशा से “सेवा पर आधारित संस्कृति” रही है, जहां व्यक्ति केवल अपने लिए नहीं बल्कि समाज के लिए भी योगदान देता है।

भारतीय संस्कृति और नारी सम्मान पर विचार

अपने संबोधन में उन्होंने भारतीय संस्कृति में नारी सम्मान को सबसे महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि भारत में नारी को हमेशा पूज्य माना गया है और यह भारतीय सभ्यता की विशेष पहचान है। कार्यक्रम का उद्देश्य भी भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों, परंपराओं और आध्यात्मिक चेतना को आगे बढ़ाना बताया गया।

सांस्कृतिक धरोहर और विचारों का संगम

नागपुर में बन रहा ‘भारतदुर्गा मंदिर’ भारतीय परंपरा में शक्ति और भक्ति के संतुलन को दर्शाने वाला प्रतीक बताया जा रहा है। कार्यक्रम में कई संतों, सामाजिक नेताओं और केंद्रीय प्रतिनिधियों की मौजूदगी ने इसे एक महत्वपूर्ण सांस्कृतिक आयोजन बना दिया। इस अवसर पर भारतीय परंपराओं, आध्यात्मिक मूल्यों और सामाजिक जिम्मेदारी पर व्यापक चर्चा हुई, जिसे उपस्थित लोगों ने प्रेरणादायक बताया।

पं. धीरेंद्र शास्त्री ने कहा

आप चार बच्चे पैदा करो। उनमें से एक राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ को दे दो, ताकि वह दूसरों को बचाने के काम आए।' 

हम जल्द ही अखंड भारत की ओर बढ़ें

पं. धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि

भूमिपूजन के समय उनकी आंखें नम थीं, क्योंकि अब भारत नया इतिहास लिखने जा रहा है। उन्होंने हनुमान जी से प्रार्थना की कि भारत संतमय और भगवामय रहे और हम जल्द ही 'अखंड भारत' की ओर बढ़ें। 

कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत, स्वामी अवधेशानंद गिरि, कार्ष्णी पीठाधीश्वर पूज्य गोविंद गिरी, दीदी मां ऋतम्भरा और चिन्मया मिशन के संतों के साथ-साथ केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और  मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस भी मौजूद रहे।